मेघालय के ताशखाई इलाके में स्थित एक कोयला खदान में भीषण धमाका होने से बड़ा हादसा हो गया. इस दुर्घटना में कम से कम 18 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि अभी और भी लोगों के फंसे होने की आशंका है. हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. हालांकि देर शाम अंधेरे के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया है और सुबह होते ही फिर से शुरू किया जाएगा.
जानकारी के मुताबिक, ताशखाई की कोयला खदान में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके कारण खदान के अंदर काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए. धमाका इतना तेज था कि खदान के अंदर मौजूद मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया. आशंका जताई जा रही है कि मृतकों में सभी मजदूर असम के रहने वाले थे, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है.
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मृत मजदूरों में से एक असम के कटिगारा क्षेत्र के बिहारा गांव का रहने वाला बताया जा रहा है. हादसे की सूचना मिलते ही मेघालय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया. खदान के अंदर फंसे अन्य मजदूरों की तलाश के लिए सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
प्रशासन ने आसपास के इलाके को घेरकर सुरक्षा बढ़ा दी है, ताकि बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए. अधिकारियों का कहना है कि धमाके के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है. शुरुआती तौर पर खदान में गैस रिसाव या तकनीकी खामी को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी.
इस हादसे के बाद मजदूरों की सुरक्षा और अवैध खनन गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहराई से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं, मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने की बात भी कही गई है.
एक ही परिवार के दो बेटों की मौत
इस हादसे में कटिगारा में कुल पांच लोगों की मौत हो गई है. वहीं एक ही परिवार के दो बेटों की भी जान इसमें चली गई. मृतकों की पहचान अनवरा हुसैन और दिलदार हुसैन के रूप में हुई है. ये दोनों राजपुर गांव के रहने वाले थे और रिश्ते में चाचा-भतीजा लगते थे. वहीं मृतकों में कटीगारा के नौ लोगों की पहचान हो गई है.
पीएमओ ने की मुआवजे की घोषणा
कोयला खदान हादसे के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मृतकों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है. पीएमओ की ओर से बताया गया है कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. वहीं, हादसे में घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी. सरकार ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. वहीं राज्य सरकार ने भी मृतकों के परिजनों के लिए तीन-तीन लाख के मुआवजे का ऐलान किया है.
(इनपुट- दिलीप सिंह)