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ह‍िंसा के बाद गृह मंत्राल‍य का फैसला- दिल्ली में तैनात होंगे 1500 पैरामिलिट्री जवान

ट्रैक्टर परेड में हिंसा को लेकर सुबह से लेकर अब तक के हालात पर गृह मंत्रालय में बैठकों का दौर लगातार जारी है.गृह मंत्री अमित शाह ने तत्काल प्रभाव से उन संवेदनशील जगहों पर सुरक्षाबलों की तैनाती के निर्देश दिए, जहां पर आज हिंसा हुई है.

लाल किले पर बड़ी संख्या में जुटे किसान (फोटो-हितेश) लाल किले पर बड़ी संख्या में जुटे किसान (फोटो-हितेश)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पैरामिलिट्री फोर्स की 15 कंपनियां की जा रहीं तैनात
  • ट्रैक्टर परेड के दौरान किसानों का आंदोलन हुआ उग्र
  • ट्रैक्टर परेड हिंसा को लेकर दो घंटे तक चली बैठक

गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश की राजधानी दिल्ली में किसानों के प्रदर्शन ने माहौल गर्म कर दिया है. मंगलवार सुबह ​किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान कई जगह पुलिस और किसानों के बीच टकराव हुआ. प्रदर्शन इस कदर उग्र हो गया कि पुलिस को किसानों पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले तक दागने पड़े. वहीं  गृह मंत्रालय की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा को लेकर दो घंटे तक बैठक चली.

गृह मंत्री अमित शाह ने तत्काल प्रभाव से उन संवेदनशील जगहों पर सुरक्षाबलों की तैनाती के निर्देश दिए, जहां पर आज हिंसा हुई है. इस बैठक में आईबी चीफ के साथ गृह मंत्रालय के आलाधिकारी और दिल्ली पुलिस कमिश्नर मौजूद रहे. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया दिल्ली में कानून व्यवस्था कायम करना प्राथमिकता है. वहीं आज नांगलोई, आईटीओ और गाजीपुर जहां आंदोलन उग्र हुआ, वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जायें. बता दें दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान किसानों का आंदोलन उग्र होता जा रहा है. हालांकि किसान नेता राकेश टिकैत और योगेंद्र यादव द्वारा लगातार ये कहा जा रहा है कि किसान आंदोलन के दौरान उग्र आंदोलनकारी उनके नहीं हैं. इस बीच बड़ी खबर ये भी है कि लाल किले पर आंदोलनकारियों पर काबू पाने के लिए अतरिक्त फोर्स भेजा जा रहा है. आदेश दिये गये हैं कि किसानों को वहां से निकालने के बाद किले के गेट बंद कर दिये जायें. 

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कृषि कानून के खिलाफ चल रहा किसान आंदोलन गणतं​त्र दिवस के दिन उग्र दिखाई दिया. दिल्ली में किसानों द्वारा निकाली गई ट्रैक्टर परेड के दौरान कई जगह पुलिस और किसानों के बीच टकराव हुआ. दिल्ली पुलिस ने कुछ अहम शर्तों के साथ किसानों को ट्रैक्टर परेड निकालने की अनुमति दी थी, लेकिन मंगलवार की सुबह जब किसान ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली की सीमाओं पर पहुंचे, तो सारे नियम टूटते नजर आये. बैरिके​डिंग तोड़ने और पुलिस से टकराव की सूचना सुबह से ही मिलनी शुरू हो गईं. 

वहीं किसानों के मार्च का रुख जब लाल किले की ओर हुआ तो पुलिस के पसीने छूट गये. दिल्ली पुलिस की किसानों को रोकने की हर कोशिश नाकाम रही. आईटीओ पर बवाल के बीच कई किसान लाल किले पर पहुंच गए हैं. इस दौरान पुलिस से टकराव भी हुआ. किसानों का आरोप था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े. आईटीओ पर इस बीच एक अन्य घटना भी हुई, जिसमें किसान प्रदर्शन के दौरान मीडिया कर्मियों का माइक और कैमरा छीनने का भी प्रयास किया गया. 

  

 

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