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दिल्ली में हुई हिंसा की किसान मोर्चा ने की निंदा, कहा- कमजोर होगा हमारा आंदोलन

दिल्ली के तमाम नाकों पर प्रदर्शन कर रहे किसान आज गणतंत्र दिवस के मौके पर ट्रैक्टर परेड निकाल रहे हैं. लेकिन इस ट्रैक्टर रैली के दौरान अफरा-तफरी देखने को मिली. इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच झड़प की कई घटनाएं देखने को मिली हैं. हालांकि किसान मोर्चा ने हिंसा की निंदा की है और कहा कि इससे आंदोलन कमजोर होगा.

किसानों ने निकाली ट्रैक्टर रैली किसानों ने निकाली ट्रैक्टर रैली
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली में हंगामा
  • लाल किले परिसर में दाखिल हुए किसान
  • सिंघु बॉर्डर से अब भी निकल रहे किसान

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के तमाम नाकों पर प्रदर्शन कर रहे किसान आज मंगलवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर ट्रैक्टर परेड निकाल रहे हैं. लेकिन इस ट्रैक्टर रैली के दौरान अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला. इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच झड़प की कई घटनाएं देखने को मिली हैं. प्रदर्शनकारी किसान लाल किला परिसर में भी दाखिल हो गए और अपना झंडा फहराया.

हालांकि रैली के दौरान हुई हिंसा को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने आज बयान जारी करते हुए हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि हिंसा से आंदोलन को नुकसान पहुंचेगा. सभी घटनाओं की समीक्षा की जाएगी. हम खुद को उपद्रवी तत्वों के अलग करते हैं. साथ की किसान मोर्चा ने किसानों को हिंसा से दूर रहने की अपील की है.

शांतिपूर्ण प्रदर्शन हमारी सबसे बड़ी ताकतः किसान मोर्चा

किसान मोर्चा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि आज के किसान गणतंत्र दिवस परेड में अभूतपूर्व भागीदारी के लिए हम किसानों को धन्यवाद देते हैं. हम उन अवांछनीय और अस्वीकार्य घटनाओं की भी कड़ी निंदा और खेद प्रकट करते हैं जो आज घटित हुई हैं और ऐसे हरकतों में लिप्त होने वाले लोगों से खुद को अलग करते हैं.

मोर्चा ने कहा, हमारे सभी प्रयासों के बावजूद, कुछ संगठनों और व्यक्तियों ने मार्गों का उल्लंघन किया और निंदनीय हरकतों में शामिल रहे. असामाजिक तत्वों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन में घुसने की कोशिश की. हमने हमेशा माना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और ऐसे किसी भी उल्लंघन से आंदोलन को नुकसान पहुंचेगा.

इस बीच, ये रिपोर्ट है कि सिंघु बॉर्डर से अब भी ट्रैक्टर निकल रहे हैं. संभावना जताई जा रही है कि ये ट्रैक्टर लाल किले की तरफ कूच कर सकते हैं. 

बता दें कि कई प्रदर्शनकारी किसान जगह-जगह बैरिकेडिंग तोड़ते हुए दिल्ली में घुस गए. वहीं भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. सवाल यही है कि पिछले दो महीने से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे किसानों को आखिर किसने भड़काया? गणतंत्र दिवस के मौके पर चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद आखिर प्रदर्शनकारियों ने इतना उत्पात कैसे मचाया?

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प्रदर्शनकारी किसानों की ट्रैक्टर रैली का समय गणतंत्र दिवस परेड के बाद का तय किया गया था. परेड के दौरान ही दिल्ली में अलग-अलग जगहों से किसानों और पुलिस के बीच गतिरोध देखने को मिला. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी दागे.

 

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