विकास दुबे मुठभेड़ के बाद अब मथुरा में चार साल पहले जवाहर बाग कांड की जांच के लिए दायर की गई याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट गुरुवार से सुनवाई करेगा. जवाहर बाग में शासन की शह पर कब्जा जमाए बैठे असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई के लिए पहुंचे पुलिस बल पर हिंसक हमला हुआ था. इस हमले में एसपी मुकुल द्विवेदी, फरह के दारोगा संतोष यादव सहित 30 लोगों की हत्या कर दी गई थी. ये कांड जून 2016 में हुआ था. लेकिन अब तक इस मामले में निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई.
मुकुल द्विवेदी की पत्नी ने पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस पूरी साजिश की दो स्तरीय जांच कराने की गुहार लगाई थी. पहला तो ये पता करना कि आखिर ये कब्जा कैसे चल रहा था और इतने हथियारों का जखीरा और पूरी साजिश रचने वाले और अंजाम देने वालों में कौन-कौन शामिल रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट 27 अगस्त को सुनवाई करेगा
याचिका में अपील की गई है कि सीबीआई दो महीनों में जांच कर रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दे. क्योंकि सीबीआई ने अबतक मुख्य अभियुक्त रामवृक्ष यादव और उसके साथियों के खिलाफ पिछले 40 महीनों से जारी जांच के दौरान 82 से ज्यादा खुफिया रिपोर्टों का हवाला तो दिया है लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया. सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर 27 अगस्त यानी गुरुवार को सुनवाई करेगा.
मुख्य अभियुक्त रामवृक्ष यादव के मारे जाने को लेकर भी सीबीआई किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है. मुमकिन है कि उसे किसी सुरक्षित जगह पहुंचा दिया गया हो जहां वो अब भी सुरक्षित हो. याचिका में गुहार लगाई गई है कि सीबीआई को आदेश दिया जाए कि समुचित संख्या में अधिकारियों की टीम बनाकर इस संवेदनशील मामले की जांच पूरी कर दो महीने में रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दें. साथ ही सीबीआई एक और टीम बनाकर राज्य सरकार की निष्क्रियता की भी जांच कराए कि आखिर किनको बचाने के लिए ये जतन किए गए? राज्य सरकार सीबीआई को घटना से संबंधित दस्तावेज और अन्य सूचनाएं मुहैया कराए और जांच में पूरा सहयोग करे.