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कोई ड्राइवर इंजन में बैठकर क्रिकेट देख रहा था तो कोई चाय लेने उतरा.... डरा देंगी रेल हादसों की ये कहानियां 

बीते एक साल में कई ऐसे रेल हादसे हुए, जिनमें सीधे तौर पर ट्रेन ड्राइवरों की लापरवाही सामने आई. दरअसल जांच में सामने आया है कि कई बार ड्राइवर इंजन में बैठकर मोबाइल में इतने खो हो जाते हैं कि उन्हें ट्रेन के बारे में सुधबुध ही नहीं रहती है. कुछ रेल हादसों के बारे में ऐसी ही डरा देने वाली जानकारी सामने आई है.

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रेल हादसों में सामने आई ड्राइवरों की लापरवाही
रेल हादसों में सामने आई ड्राइवरों की लापरवाही

बीता एक साल भारतीय रेल हादसों के लिहाज के काफी बुरा साबित हुआ. इस साल बालासोर जैसे बड़े ट्रेन हादसे हुए तो लोकोपायलटों की वजह से कई छोटे-छोटे एक्सीडेंट भी हुए. आज हम आपको उन हादसों के बारे में बता रहे हैं, जिनकी कहानियां आपको डरा भी सकती हैं. दरअसल इन मामलों में लोको पायलटों की ऐसी लापरवाही सामने आई है, जिनकी वजह से बड़े-बड़े हादसे भी हो सकते थे. 

1- मथुरा हादसा  

यूपी के मथुरा जंक्शन पर बीते साल 26 सितंबर की देर रात एक EMU ट्रेन डेड एंड को तोड़ती हुई प्लेटफॉर्म नंबर दो पर चढ़ गई. यह पैसेंजर ट्रेन दिल्ली के शकूर बस्ती से मथुरा जंक्शन पहुंची थी. हालांकि जिस समय ये हादसा हुआ, उस वक्त ट्रेन पूरी तरह खाली थाी और टेक्निकल स्टाफ उसे चेक कर डेड एंड पर खड़ा कर रहा था. इस हादसे की वजह से प्लेटफॉर्म का करीब 30 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद इस प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों की आवाजाही बंद कर दी गई थी.  

जांच में क्या पता चला? 

रेलवे प्रशासन की जांच में खुलासा हुआ कि हादसे के समय ट्रेन के इंजन में 5 लोग मौजूद थे. वह सभी मोबाइल चला रहे थे और नशा कर रहे थे. मथुरा रेलवे स्टेशन के डायरेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि जांच के बाद पांच लोगों को सस्पेंड कर दिया गया. इनमें एक लोको पायलट समेत 4 टेक्निकल लोग शामिल हैं. उन्होंने बताया कि इन लोगों का काम ट्रेन को सेटिंग कराकर खड़ी करने का था. यह लोग ट्रेन में मोबाइल चला रहे थे. जब जांच की गई तो यह लोग 42 प्रतिशत नशे की हालत में पाए गए.  

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2- आंध्र प्रदेश हादसा 

बीते साल 29 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के कंटाकापल्ली में हावड़ा-चेन्नई लाइन पर रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन ने विशाखापत्तनम पलासा ट्रेन को पीछे से टक्कर मार दी थी. इस हादसे में 14 यात्रियों की मौत हो गई थी और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.  

जांच में क्या पता चला? 

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने शनिवार को बताया कि इसमें ट्रेन का ड्राइवर और असिस्टेंट ड्राइवर फोन पर क्रिकेट मैच देख रहे थे, जिसकी वजह से ये हादसा हुआ. उन्होंने कहा कि क्रिकेट मैच की वजह से दोनों का ध्यान भटक गया था, लेकिन हम नए सुरक्षा उपायों पर काम कर रहे हैं. अब हम ऐसे सिस्टम इंस्टॉल कर रहे हैं, जो इस तरह के किसी भी ध्यान भटकाने वाली वजहों से पता लगा सकते हैं और सुनिश्चित कर सकते हैं कि पायलट और असिस्टेंट पायलट ट्रेन चलाने पर पूरा दिमाग लगा रहे हैं.  

केंद्रीय रेल मंत्री ने आगे कहा कि हम सेफ्टी पर ध्यान देना जारी रखेंगे. हम हर घटना के पीछे की असली वजह तलाशने की कोशिश करते हैं और एक समाधान लेकर आते हैं, जिससे फिर से हादस ना हो.  

3- जम्मू-कश्मीर ट्रेन एक्सीडेंट 

जम्मू-कश्मीर के कठुआ रेलवे स्टेशन पर रुकी एक मालगाड़ी अचानक पठानकोट की ओर चल पड़ी. ट्रेन के इंजन पर कोई ड्राइवर भी मौजूद नहीं था, बावजूद इसके ट्रेन करीब 84 किलोमीटर तक दौड़ती रही. कड़ी मशक्कत के बाद ट्रेन को पंजाब के मुकेरियां में ऊंची बस्सी के पास रोका गया है. यह घटना इसी साल 25 फरवरी की है.  

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जांच में क्या पता चला? 

जम्मू के कठुआ जंक्शन पर रुकी मालगाड़ी (14806R) को रोका गया था. यहां ड्राइवर और असिस्टेंट ड्राइवर मालगाड़ी को स्टार्ट छोड़कर चाय पीने चला गया. ट्रेन से उतरने से पहले उन्होंने हैंडब्रेक नहीं खींचे थे, जिसकी वजह से ट्रेन अचानक चल पड़ी और स्पीड़ पकड़कर दौड़ने लगी. गनीमत ये रही कि इस दौरान कोई हादसा नहीं हुआ. यह मालगाड़ी कंक्रीट लेकर जा रही थी, जिसे कठुआ में ही लोड किया गया था. 

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