मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में रविवार को उस वक्त तनाव चरम पर पहुंच गया, जब उग्र युवाओं की एक भीड़ ने कुकी समाज के एक प्रमुख नेता के घर पर धावा बोलने की कोशिश की. स्थिति को बिगड़ता देख सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा.
अधिकारियों के अनुसार, यह घटना जिला मुख्यालय शहर में हुई. युवाओं का एक बड़ा समूह कुकी-ज़ो काउंसिल (KZC) के अध्यक्ष एच. थांगलेट के आवास के बाहर जमा हो गया. भीड़ ने न केवल नारेबाजी की, बल्कि घर पर पथराव करते हुए परिसर के भीतर घुसने का प्रयास भी किया.
सुरक्षा बल शनिवार शाम से ही हाई अलर्ट पर थे, जिसके चलते उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में लिया. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया.
शांति वार्ता के अगले ही दिन हिंसा
हैरान करने वाली बात यह है कि यह हंगामा मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह और कुकी-ज़ो काउंसिल के बीच गुवाहाटी में हुई "सद्भावना बैठक" के ठीक एक दिन बाद हुआ है. मुख्यमंत्री ने दोनों समुदायों के बीच विश्वास बहाली के लिए करीब पौने दो घंटे तक चर्चा की थी, जिसे काउंसिल ने 'आइस-ब्रेकिंग सेशन' करार दिया था.
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मणिपुर में मई 2023 से जारी जातीय हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. फरवरी 2025 में लगे राष्ट्रपति शासन के बाद इसी साल फरवरी में वाई. खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नई सरकार का गठन हुआ. रविवार की घटना के बाद चुराचांदपुर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं. फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है.