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'ये फेविकॉल का जोड़ है, टूटेगा नहीं...', शिंदे बोले- फडणवीस और मेरी दोस्ती जय-वीरू जैसी

विज्ञापन विवाद के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि देवेंद्रजी के साथ मेरी दोस्ती नई नहीं है. हमारी दोस्ती 15 से 20 साल पुरानी है. जब हम सिर्फ विधायक थे तब से हम दोस्त हैं इसलिए हमारा बॉन्ड मजबूत है. ये फेविकॉल का जोड़ है, टूटेगा नहीं.

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एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस
एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र में एक विज्ञापन से सियासी भूचाल आ गया है. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ने मंगलवार को एक सर्वे का हवाला देते हुए एक विज्ञापन जारी किया था. इस विज्ञापन में शिंदो को लोकप्रियता में देवेंद्र फडणवीस से आगे बताया गया. लेकिन मामला बढ़ता देख शिंदे ने उपमुख्यमंत्री फडणवीस की जमकर तारीफ की है. 

एकनाथ शिंदे ने कहा है कि देवेंद्रजी के साथ मेरी दोस्ती नई नहीं है. हमारी दोस्ती 15 से 20 साल पुरानी है. जब हम सिर्फ विधायक थे तब से हम दोस्त हैं इसलिए हमारा बॉन्ड मजबूत है. ये फेविकॉल का जोड़ है, टूटेगा नहीं. कुछ लोग हमें जय-वीरू कहते हैं, कुछ हमें धर्म-वीर कहते हैं. लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि हम किसी पद या कुर्सी के लिए साथ नहीं है. जो भी हमारे बीच दरार डालने की कोशिश करेगा, उसके मंसूबे कामयाब नहीं होंगे.

आज महाराष्ट्र के लोग हमारी सरकार की प्रशंसा कर रहे हैं. वे हमारी सरकार को पसंद करते हैं. लेकिन मैं सिर्फ एक चीज के लिए खुश हूं, सर्वे कहता है कि 84 फीसीद लोग मोदी जी को पसंद करते हैं. लोग चाहते हैं कि मोदी जी हमारे देश का नेतृत्व करे. हमारी किसी पद की कोई इच्छा नहीं है. मैं और देवेंद्रजी जमीन से जुड़े हुए कार्यकर्ता हैं. हम काम करना जारी रखेंगे. हम ऐसे लोगों की तरह नहीं है, जो सिर्फ घर बैठकर लोगों को आदेश दें और फेसबुक लाइव करते रहें.

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फडणवीस से दोस्ती बहुत पुरानी

शिंदे ने कहा कि मैं गर्व से कह सकता हूं कि पहले सिर्फ मैं और देवेंद्रजी कैबिनेट में थे. तभी से हम लोगों के कल्याण के लिए हर फैसला ले रहे हैं. हमने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया, जिससे किसी खास शख्स को फायदा हो. हम किसानों, मजदूरों, आदिवासियों, महिलाओं और युवाओं के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हमने अस्पताल और वाटर सप्लाई योजना का उदघाटन किया है. हमारा उद्देश्य गरीब लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है. हमने बांद्रा-वरसोवा सी लिंक बनाया लेकिन अब हमने फैसला किया है कि इस परियोजा का विस्तार पालघर तक किया जाएगा. विकास के लिए कनेक्टिविटी बहुत जरूरी है. मुंबई-नागपुर हाईवे एक गेम चेंजर होगा.

यह फडणवीस का ड्रीम प्रोजेक्ट था. उन्होंने यह सपना देखा था और बेहद कम समय में इसे पूरा कर दिखाया. हमारी सरकार के सत्ता में आने से पहले एनवीए सराकर ने मेट्रो. ट्रांसहार्बर जैसी कई परियोजनाएं रुकवा दी गईं. हमने उन स्पीड ब्रेकर्स को हटा दिया और सभी परियोजनाओं को फास्टट्रैक किया गया.  जब फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे. उस समय हमारा राज्य एफडीआई में पहले स्थान पर था. लेकिन 2020 में गुजरात और फिर कर्नाटक पहले स्थान पर पहुंचे और उसके बाद हमारी सरकार सत्ता में आई और हम फिर एफडीआई में पहले स्थान पर पहुंच गए. 

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फडणवीस ने क्या कहा?

इस पूरे मामले पर फडणवीस ने कहा कि मुख्यमंत्री शिंदे और मैं सत्ता या किसी पद के लिए साथ नहीं आए. हमने गरीबों, किसानों, आदिवासियों, महिलाओं और हर समुदाय के लोगों के जीवन को बेहतर करने के लिए मिलकर सरकार बनाई है. हमारी सरकार इतनी कमजोर नहीं है, जो एक विज्ञापन से टूट जाएगी. हमारा 25 सालों का साथ है और पिछले साथ यह संबंध और मजबूत हुए हैं. हम साथ हैं और आगे भी साथ रहेंगे. 

बता दें कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ने बीते मंगलवार को अखबारों में एक विज्ञापन दिया था. 'मोदी फॉर इंडिया, शिंदे फॉर महाराष्ट्र' शीर्षक से  इस विज्ञापन में एक सर्वे का हवाला देते हुए शिंदे को बीजेपी नेता और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस की तुलना में सबसे ज्यादा पसंदीदा दिखाया गया था. इस विज्ञापन के बाद से महाराष्ट्र की सियासत में उथल-पुथल देखी गई.

विज्ञापन में दिए गए आंकड़े और दावे एक सर्वे का हवाला देकर प्रकाशित किए गए थे, जिनमें कहा गया था कि चुनाव सर्वे के अनुसार, महाराष्ट्र के 30.2 प्रतिशत लोग बीजेपी को पसंद करते हैं, जबकि 16.2 प्रतिशत लोग शिवसेना (एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली) को पसंद करते हैं. इन आंकड़ों से पता चलता है कि महाराष्ट्र के कुल 46.4 प्रतिशत लोगों ने राज्य के विकास के लिए भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना गठबंधन पर भरोसा किया है.

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हालांकि, बाद में महाराष्ट्र सरकार मोदी-शिंदे वाले विज्ञापन पर बैकफुट पर आ गई. विज्ञापन पर विवाद बढ़ने के एक दिन बाद शिंदे गुट ने एक और विज्ञापन जारी किया. इस विज्ञापन में शिवसेना सुप्रीमो बालासाहेब ठाकरे और वरिष्ठ नेता आनंद दीघे की तस्वीरों को विज्ञापन के शीर्ष पर पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ रखा गया है.

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