कर्नाटक में जेडीएस नेता प्रज्वल रेवन्ना (Prajwal Revanna) से जुड़े सेक्स स्कैंडल में एसआईटी अपने स्तर पर जांच में लगी हुई है. यौन उत्पीड़न के कथित वायरल वीडियोज का विश्लेषण करने के बाद एफएसएल रिपोर्ट की समीक्षा की गई. एसआईटी ने कई पीड़ितों की पहचान की है. वे अब महिलाओं से संपर्क साधने की कोशिश में है. लेकिन इन महिलाओं में से कुछ तक पहुंचने में जांच टीम को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. कुछ पीड़िताएं वीडियो में होने से इनकार कर रही हैं और पहुंच से बाहर हैं, जबकि अन्य कई अन्य कारणों से जांच टीम की पहुंच से बाहर हैं.
जानकारी के मुताबिक आरोपियों और उनके सहयोगियों ने कुछ पीड़ितों को या तो लालच दिया है या दूसरों को उनके खिलाफ बयान देने से रोकने के लिए धमकाया है. एसआईटी अधिकारियों ने इन मामलों पर पर्याप्त जानकारी इकट्ठा कर ली है और प्रभावित महिलाओं को आगे आने पर पूरी सुरक्षा देने का आश्वासन दिया है.
'वो कहीं भी हो, वापस लाया जाएगा...'
प्रज्वल रेवन्ना मामले पर बात करते हुए सूबे के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि हम कानून में विश्वास करते हैं. ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया जाएगा और उसे वापस लाया जाएगा चाहे वह कहीं भी हो. उसकी गतिविधियों का पता चल जाएगा और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.
बता दें कि सैकड़ों महिलाओं के यौन शौषण के मामले में फंसे पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा के बेटे जेडीएस नेता एचडी रेवन्ना को कर्नाटक पुलिस की एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया है. उससे एक पीड़ित महिला के अपहरण के मामले में पूछताछ की जा रही है.
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बीते गुरुवार को मैसूरु में एक महिला के अपहरण के आरोप में केस दर्ज कराया गया था. वो महिला भी यौन शोषण की शिकार है. केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने रेवन्ना के खास सतीश बबन्ना को गिरफ्तार किया था. अब एसआईटी द्वारा दो बार नोटिस दिए जाने के बाद भी हाजिर नहीं होने पर रेवन्ना को गिरफ्तार किया गया है.