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इंडियन कोस्टगार्ड में ALH MK-3 हेलिकॉप्टर शामिल, जानिए इसकी खासियत

गुजरात के पोरबंदर में भारतीय तटरक्षक बल में एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर एमके-3 का स्क्वॉड्रन शामिल किया गया है. इस हेलिकॉप्टर के शामिल होने से कोस्टगार्ड की ताकत और निगरानी क्षमता और बढ़ जाएगी. आइए जानते हैं इस शानदार हेलिकॉप्टर के बारे में...

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Indian Coast Guard को ALH-MK3 हेलिकॉप्टर का एक स्क्वॉड्रन मिला है. Indian Coast Guard को ALH-MK3 हेलिकॉप्टर का एक स्क्वॉड्रन मिला है.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अब पश्चिमी तट की निगरानी होगी आसान
  • पहले ही तीनों सेनाओं के पास है ये चॉपर

गुजरात के पोरबंदर स्थित एयर एन्क्लेव में एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर एमके-3 के 835 स्क्वॉड्रन को भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) में शामिल किया गया. इस हेलिकॉप्टर को देश में ही बनाया गया है. इस स्वदेशी एएलएच एमके III हेलीकॉप्टर को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने बनाया है. इनमें उन्नत रडार सहित इलेक्ट्रो ऑप्टिकल सेंसर, शक्ति इंजन, पूरा ग्लास कॉकपिट, उच्च-तीव्रता वाली सर्चलाइट, उन्नत संचार प्रणाली, स्वचालित पहचान प्रणाली के साथ-साथ SAR होमर जैसे अत्याधुनिक उपकरण हैं. 

इस छोटे औऱ हल्के हेलिकॉप्टर को किसी भी तटरक्षक पोत पर उतारा जा सकता है. (फोटोः डिफेंस डिकोड/ट्विटर)
इस छोटे औऱ हल्के हेलिकॉप्टर को किसी भी तटरक्षक पोत पर उतारा जा सकता है. (फोटोः डिफेंस डिकोड/ट्विटर)

ये विशेषताएं तटरक्षक बल को समुद्री की निगरानी करने के साथ-साथ दिन और रात सर्च एंड रिकॉन्सेंस करने में सक्षम करती है. इसके अलावा इस हेलिकॉप्टर में भारी मशीन गन तो है ही. इसके अलावा यह हेलिकॉप्टर किसी भी समय उड़ने वाले ICU में बदला जा सकता है. 

अब तक 13 ALH MK-III विमान चरणबद्ध तरीके से भारतीय तटरक्षक बल में शामिल किए गए हैं. इनमें से चार हेलिकॉप्टर पोरबंदर में तैनात हैं. सेवा में शामिल होने के बाद से स्क्वाड्रन ने 1,200 घंटे से अधिक अवधि तक उड़ान भरी है. साथ ही, दीव तट पर पहली बार रात में एसएआर सहित कई मिशनों का संचालन किया है.

इस हेलिकॉप्टर में भारी मशीन गन लगाई गई है ताकि हमले की स्थिति में करारा जवाब दिया जा सके. (फोटोः डिफेंस डिकोड/ट्विटर)
इस हेलिकॉप्टर में भारी मशीन गन लगाई गई है ताकि हमले की स्थिति में करारा जवाब दिया जा सके. (फोटोः डिफेंस डिकोड/ट्विटर)

कमांडेंट सुनील दत्त के पास इस 835 स्क्वाड्रन (सीजी) की कमान है. इससे पहले ALH MK-2 भारतीय मिलिट्री के तीनों सेनाओं के पास मौजूद हैं. इंडियन एयरफोर्स के पास 107, इंडियन आर्मी के पास 191 और नेवी के पास 14 हेलिकॉप्टर्स हैं. नेवी ने 11 और आर्मी ने 73 हेलिकॉप्टर और ऑर्डर कर रखे हैं. इन ऑर्डर से ही पता चलता है कि ये कितने काम का हेलिकॉप्टर है. 

इसे दो पायलट उड़ाते हैं. इसमें 12 जवान बैठ सकते हैं. 52.1 फीट लंबे इस हेलिकॉप्टर की ऊंचाई 16.4 फीट है. इसकी अधिकतम गति 291 किमी प्रतिघंटा है. यह एक बार में 630 किमी तक उड़ान भर सकता है. अधिकतम 20 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है.

 

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