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'अब तक के सबसे अच्छे दौर में भारत-अमेरिका के रिश्ते, अल्पसंख्यक देश में हैं खुशहाल', FT को दिए इंटरव्यू में बोले PM मोदी

प्रधाममंत्री नरेंद्र मोदी ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारतीय समाज में किसी भी धार्मिक अल्पसंख्यक के प्रति भेदभाव की कोई भावना नहीं है. उन्होंने कहा कि वह भारत से बाहर अलगाववादी संगठनों की गतिविधियों पर वो बेहद चिंतित हैं.

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी अखबार फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कई मुद्दों पर बात की. उन्होंने देश में अल्पसंख्यकों को खुशहाल बताया. इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका की दोस्ती अब तक के सबसे अच्छे दौर में है. सरकार की आलोचना को लेकर उन्होंने कहा कि तथ्यों पर आलोचना सबका समान अधिकार है.

अमेरिका के साथ गहरे संबंध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत की वृद्धि की तुलना अन्य लोकतंत्रों से की जानी चाहिए, न कि चीन से. पीएम मोदी ने हाल ही में अमेरिका-चीन तनाव में कमी के बारे में एक सवाल को भी खारिज किया. यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका के साथ भारत के घनिष्ठ संबंधों को गठबंधन के रूप में वर्णित किया जा सकता है? पीएम मोदी ने कहा, “…आज, भारत-अमेरिका संबंध व्यापक और गहरे हैं और दोनों देशों की समझ, दोस्ती में पहले से कहीं अधिक बेहतर हुई है.'

इंटरव्यू में पीएम मोदी ने आगे कहा, 'दुनिया एक दूसरे से जुड़ी होने के साथ-साथ एक दूसरे पर निर्भर भी है.  विदेशी मामलों में हमारा सबसे महत्वपूर्ण मार्गदर्शक सिद्धांत हमारा राष्ट्रीय हित है...यह रुख हमें विभिन्न देशों के साथ इस तरह से जुड़ने की अनुमति देता है जो आपसी हितों का सम्मान करता है और समकालीन भूराजनीति की जटिलताओं को स्वीकार करता है.'

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पन्नू पर दिया था ये बयान

इससे पहले पीएम मोदी ने पहली बार खालिस्तान अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू को मारने के लिए कथित भारतीय साजिश के आरोपों का जवाब दिया था.उन्होंने कहा था, 'अगर कोई हमें कोई जानकारी देता है, तो हम निश्चित रूप से उस पर गौर करेंगे. अगर हमारे किसी नागरिक ने कुछ भी अच्छा या बुरा किया है तो हम उस पर गौर करने के लिए तैयार हैं.' हमारी प्रतिबद्धता कानून के शासन के प्रति है.' उन्होंने इस मुद्दे के भारत-अमेरिका संबंधों पर पड़ने वाले किसी भी प्रभाव को भी नकार दिया था.

ये भी पढ़ें: 'अगर हमारे नागरिक ने कुछ भी गलत किया है तो...', आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश पर PM मोदी का पहला बयान

इजरायल-हमास संघर्ष पर उन्होंने कहा कि भारत ने टू स्टेट समाधान के लिए अपना समर्थन दोहराते हुए गाजा को मानवीय सहायता देने का समर्थन किया है. उन्होंने कहा, “मैं क्षेत्रीय नेताओं के संपर्क में हूं. यदि शांति की दिशा में प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए भारत कुछ भी कर सकता है, तो हम निश्चित रूप से ऐसा करेंगे.'

अल्पसंख्यकों को लेकर कही बड़ी बात

जब पीएम मोदी से पूछा गया कि भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यक का क्या भविष्य है? इसका जवाब देते हुए पीएम मोदी ने भारत के पारसियों की आर्थिक सफलता की ओर इशारा किया, जिन्हें उन्होंने "भारत में रहने वाले धार्मिक सूक्ष्म-अल्पसंख्यक" के रूप में वर्णित किया. उन्होंने कहा, “दुनिया में कहीं और उत्पीड़न का सामना करने के बावजूद, उन्हें भारत में आश्रय मिल गया है, वे खुशी से और समृद्ध होकर रह रहे हैं. इससे पता चलता है कि भारतीय समाज में किसी भी धार्मिक अल्पसंख्यक के प्रति भेदभाव की कोई भावना नहीं है.'

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हमारे खिलाफ काम करता है इकोसिस्टम

मोदी सरकार द्वारा अपने आलोचकों पर कथित कार्रवाई से जुड़े सवाल पर पीएम मोदी ने कहा, 'एक पूरा इकोसिस्टम  है जो हमारे देश में उपलब्ध स्वतंत्रता का उपयोग संपादकीय, टीवी चैनलों, सोशल मीडिया, वीडियो, ट्वीट्स आदि के माध्यम से हर दिन हम पर ये आरोप लगाने के लिए कर रहा है. उन्हें ऐसा करने का अधिकार है. लेकिन दूसरों को तथ्यों के साथ जवाब देने का समान अधिकार है.'

PM मोदी ने कहा कि उन बाहरी लोगों का लंबा इतिहास है जिन्होंने भारत को कमतर आंका. उन्होंने कहा, “1947 में, जब भारत आज़ाद हुआ, तो चले गए अंग्रेजों ने भारत के भविष्य के बारे में बहुत ही भयानक भविष्यवाणियाँ कीं. लेकिन हमने देखा है कि वे सभी भविष्यवाणियाँ और पूर्वाग्रह और झूठी साबित हुई हैं. आज, जो लोग उनकी सरकार पर संदेह करते हैं, वे भी गलत साबित होंगे.'

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