कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डी के शिवकुमार ने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और मंत्रियों से अपना सामान बांधने को कहा. राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले डी के शिवकुमार ने कहा कि जल्दी उनकी पार्टी सत्ता में आएगी और सुवर्ण विधान सौदा को गौमूत्र से शुद्ध करेगी. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह भवन भाजपा शासन के दौरान भ्रष्टाचार से प्रदूषित हो गया है.
शिवकुमार ने कहा, आपकी सरकार के लिए लगभग 40-45 दिन बचे हैं, अपने टेंट को पैक करें और जो कुछ भी सामान बचा है उसे करें और जाएं. हम विधान सौधा को साफ करने के लिए डेटॉल लेकर आएंगे. शुद्धिकरण के लिए मेरे पास कुछ गंजला (गौमूत्र) भी है... लोग इस दुष्ट सरकार से छुटकारा पाना चाहते हैं. पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, 'बोम्मई जी, बेहतर होगा, आप सभी मंत्रियों को जल्दी से पैकअप करने के लिए कहें.'
ऐसे समय में हमलावर हुई कांग्रेस
भाजपा सरकार पर कांग्रेस नेताओं का हमला ऐसे समय में बोला है जब बीते दिन ही भाजपा नेता ने कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान 'टेंडरश्योर' परियोजनाओं में अनियमितता का आरोप लगाने की शिकायत दर्ज कराई थी. इसके एक दिन बाद ही कांग्रेस भाजपा पर हमलावर है. बता दें कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के तहत 35,000 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताएं हुई थीं.
भाजपा ने क्यों नहीं कराई जांच?
सुधाकर के आरोपों पर पलटवार करते हुए शिवकुमार ने पूछा कि बीजेपी पिछले साढ़े तीन साल से क्या कर रही है. वे सत्ता में थे और उन्हें जांच का आदेश देना चाहिए था और इसकी जांच करवानी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि बीजेपी के पास 40 फीसदी कमीशन का 'ब्रांड' है और इसे छिपाने के लिए वे कांग्रेस के खिलाफ निराधार आरोप लगाने की कोशिश कर रहे हैं.
कांग्रेस नेता ने भाजपा पर बोला हमला
यह सवाल करते हुए कि भाजपा के पुराने नेता भ्रष्टाचार के आरोपों पर क्यों नहीं बोल रहे हैं या प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं, और सत्तापक्ष सुधाकर जैसे किसी व्यक्ति का उपयोग कर रहा है, जो कांग्रेस से अलग हो गए थे, उन्होंने कहा, आप (भाजपा) नहीं कर पा रहे हैं आपकी पार्टी का एक व्यक्ति बोलता है. आपकी पार्टी में 32 समूह हैं, मैंने एक सूची बनाई है ... और आप हमारे बारे में बात करते हैं.
सिद्धारमैया ने उठाई जांच की मांग
इस बीच, सिद्धारमैया ने अपने नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लगाने के लिए बोम्मई और भाजपा पर पलटवार करते हुए 2013 से अब तक के कथित घोटालों और भ्रष्टाचार के आरोपों की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले आयोग से जांच की मांग की.
जांच समिति बनाने की उठाई मांग
उन्होंने चुनौती दी कि 40 प्रतिशत कमीशन, पीएसआई भर्ती और COVID घोटाले के आरोप - उन सभी आरोपों को जो हमने लगाए हैं, उन आरोपों के साथ जोड़ा जाए जो वे (भाजपा) अब हमारे खिलाफ लगा रहे हैं और साथ में एक जांच आयोग गठित की जाए. अगर उनमें हिम्मत है, तो सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति बनाएं और उन्हें निष्पक्ष काम करने दें.
सिद्धारमैया ने मंत्री सुधाकर पर निशाना साधते हुए कहा, वह हमारी सरकार के दौरान कांग्रेस के विधायक थे. तब वह चुप क्यों थे? उन्होंने आगे कहा, बीजेपी चुनाव में हार के डर से घबरा रही है और बेबुनियाद आरोप लगा रही है. एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को हाई कोर्ट ने निरस्त किया था, बीजेपी सरकार ने नहीं. कांग्रेस नेता ने यह भी कहा, 'हमने लोकायुक्त को बंद नहीं किया, जैसा कि भाजपा आरोप लगा रही है.'