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चालान से बचने के लिए रिमोट से बदल देता था नंबर प्लेट... नशे में धुत BMW चालक गिरफ्तार

हैदराबाद के जुबली हिल्स में पुलिस ने एक युवक को नशे में BMW चलाते पकड़ा है. कार में अवैध फ्लिप नंबर प्लेट लगी थी, जिससे एक बटन दबाते ही नंबर बदल जाता था. युवक शराब के नशे में तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहा था. पुलिस ने कार जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है.

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फ्लिप नंबर प्लेट लगाकर BMW दौड़ा रहा था.(Photo: Representational)
फ्लिप नंबर प्लेट लगाकर BMW दौड़ा रहा था.(Photo: Representational)

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के पॉश इलाके जुबली हिल्स में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और तकनीक के दुरुपयोग का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जूबली हिल्स पुलिस ने एक BMW कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जो कथित रूप से चालान से बचने के लिए रिमोट कंट्रोल से संचालित फ्लिप नंबर प्लेट सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा था.

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई नियमित ड्रंक-ड्राइविंग चेकिंग के दौरान की गई. जांच के समय पुलिस को चालक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद वाहन की विस्तृत तलाशी ली गई. तलाशी के दौरान अधिकारियों को कार में लगा एक अवैध फ्लिप मैकेनिज्म मिला, जिससे चालक एक बटन दबाकर गाड़ी की नंबर प्लेट बदल सकता था या पूरी तरह छिपा सकता था.

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प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इस तकनीक की मदद से चालक अलग-अलग नंबर प्लेट के बीच स्विच कर सकता था या असली रजिस्ट्रेशन नंबर को छिपा सकता था. इससे ट्रैफिक कैमरों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए उल्लंघनों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है.

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पुलिस जांच में सामने आया तकनीकी दुरुपयोग

पुलिस ने पुष्टि की कि चेकिंग के समय चालक शराब के नशे में था. ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट के बाद उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. आरोपों में नशे में गाड़ी चलाना, वाहन के रजिस्ट्रेशन में छेड़छाड़ और अनधिकृत संशोधन शामिल हैं.

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के उपकरण ट्रैफिक कानून लागू करने की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं. जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि यह सिस्टम विशेष रूप से इस तरह तैयार किया गया था कि ट्रैफिक निगरानी प्रणाली को धोखा दिया जा सके.

पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और चालक से पूछताछ जारी है. मामले की तकनीकी जांच भी शुरू कर दी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह सिस्टम कब और कैसे लगाया गया.

वाहन जब्त, पुराने मामलों की जांच शुरू

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या आरोपी ने इस सिस्टम का इस्तेमाल पहले भी ट्रैफिक उल्लंघनों से बचने के लिए किया था. पुलिस का मानना है कि यदि ऐसा पाया जाता है, तो आरोपी के खिलाफ और सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

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अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वाहन में किसी भी प्रकार के अनधिकृत बदलाव से बचें, क्योंकि यह न केवल अवैध है बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी खतरा है. पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों पर सख्त निगरानी जारी रहेगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.

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