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विदेशी फंडिंग मामला: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- NGOs को विदेश से धन पाने का अधिकार नहीं

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में गैर सरकारी संगठनों (NGO) को विदेशी फंडिंग के मामले में हलफनामा दाखिल किया. इसमें कहा गया कि किसी भी NGO को विदेश से धन प्राप्त करने का मौलिक अधिकार नहीं है. इसे रोकने के लिए FCRA के प्रावधान बनाए गए हैं. 

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Foreign funding to NGOs
Foreign funding to NGOs
स्टोरी हाइलाइट्स
  • विदेशी फंडिंग मामले में केंद्र का SC में हलफनामा
  • 'NGOs को विदेशी फंडिंग का अधिकार नहीं'

गैर सरकारी संगठनों (NGO) को विदेशी फंडिंग के मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा कि किसी भी NGO को विदेश से धन प्राप्त करने का मौलिक अधिकार नहीं है. सरकार ने कहा गैर-सरकारी संगठनों को विदेशी धन के चेन-ट्रांसफर बिजनेस बनाने से रोकने के लिए FCRA के प्रावधान बनाए गए हैं. 

संशोधित कानून केवल भारत में अन्य व्यक्तियों/ गैर सरकारी संगठनों को मिले  विदेशी योगदान के ट्रांसफर को प्रतिबंधित करता है. NGO को इसका उपयोग उन उद्देश्यों के लिए करना होगा जिसके लिए उसे पंजीकरण का प्रमाण पत्र या सरकार द्वारा पूर्व अनुमति दी गई है.

गौरतलब है कि NGOs को संसद द्वारा तैयार किए गए और कार्यपालिका द्वारा लागू किए गए नियमों के बाहर किसी भी विदेशी योगदान को लेने का कोई अधिकार नहीं है.  FCRA, 2010 के लागू करने के दौरान, यह नोट किया गया था कि कुछ गैर सरकारी संगठन मुख्य रूप से केवल विदेशी योगदान के पर निर्भर थे.  यानी NGO केवल विदेशी योगदान प्राप्त कर रहे थे और इसे अन्य गैर सरकारी संगठनों को ट्रांसफर  कर रहे थे.

बताते चलें कि दो याचिकाओं में कानून के संशोधनों की वैधता को चुनौती दी गई है और एक याचिका में संशोधनों को सख्ती से लागू करने की मांग की गई है. 

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