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Coal crisis: 'बत्ती गुल' पर बोलीं निर्मला- देश में कोयला संकट की बात Baseless

FM Sitharaman on coal crisis: वित्त मंत्री ने कोयला और बिजली संकट की खबरों को निराधार बताते हुए कहा कि सच तो यह है कि भारत बिजली के मामले में सरप्लस यानी जरूरत से ज्यादा उत्पादन वाला देश है. 

वित्त मंत्री ने कोयला संकट से किया इंकार (फाइल फोटो) वित्त मंत्री ने कोयला संकट से किया इंकार (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • वित्त मंत्री की दो टूक
  • कोयला संकट पर बयान

FM Sitharaman on coal crisis: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में कोयला संकट की बात को पूरी तरह से 'निराधार' (baseless) बताया है. वित्त मंत्री ने कहा कि देश में कोयले की कोई कमी नहीं है.

वित्त मंत्री ने बिजली संकट को भी निराधार बताते हुए कहा कि सच तो यह है कि भारत बिजली के मामले में सरप्लस यानी जरूरत से ज्यादा उत्पादन वाला देश है. 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अमेरिका के दौरे पर हैं. एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक सीतारमण ने कहा कि दो दिन पहले बिजली मंत्री आर.के. सिंह भी ऑन रिकॉर्ड यह कह चुके हैं कि कोयले की कमी के बारे में निराधार खबरें चलाई जा रही हैं. 

गौरतलब है कि ऐसी तमाम खबरें मीडिया में चल रही हैं कि देश में कुछ ही दिन का कोयला स्टॉक बचा है और अगर सरकार ने उचित कदम नहीं उठाया तो देश में भारी बिजली संकट आ सकता है. इसकी वजह यह है कि देश में बिजली का करीब 70 फीसदी उत्पादन कोयले से चलने वाले थर्मल प्लांट से होता है. 

क्या कहा वित्त मंत्री ने 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिका के हार्वर्ड केनेडी स्कूल में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, 'पूरी तरह से निराधार! किसी चीज की कोई कमी नहीं है. सच तो यह है कि जहां तक मुझे याद है बिजली मंत्री ने यह कहा था कि हर बिजली उत्पादन केंद्र के अपने परिसर में चार दिन का कोयला मौजूद है. और सप्लाई चेन में भी किसी तरह की अड़चन नहीं है.' 

किसने पूछा था सवाल 

Mossavar-Rahmani सेंटर फॉर बिजनेस ऐंड गवर्नेंट ने निर्मला से संवाद का यह कार्यक्रम आयोजित किया था. इसमें सीतारमण से हार्वर्ड के एक प्रोफेेेसरर ने सवाल पूछा कि क्या भारत में बिजली और कोयले की कमी के बारे में आ रहीं खबरें सच हैं.? इस पर निर्मला ने कह कि ऐसा कोई संकट नहीं है जिससे बिजली उत्पादन में बाधा आए. भारत अब एक पावर सरप्लस देश है.

वित्त मंत्री निर्मला ने कहा, 'हम जोख‍िम को देखते हुए इस बात का भी ध्यान रखते हैं कि भारत में कितनी ऊर्जा उपलब्ध है और इसमें कितना जीवाश्म ईंधन से है और कितना नवीकरणीय ऊर्जा से. हम ऐसे रास्ते तलाश रहे हैं जिससे रीन्यूएबल एनर्जी की ओर शिफ्ट किया जा सके.' 

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