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सुप्रीम कोर्ट का आदेश, सिंघु बॉर्डर पर एक तरफ की सड़क खाली करें किसान

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सोनीपत उपायुक्त ललित सिवाच मंगलवार को कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर किसान प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और आम लोगों को हो रही परेशानी का हवाला देकर किसानों से सड़क खाली करने की अपील की.

कृषि कानूनों के खिलाफ जारी है किसान आंदोलन (फाइल फोटो) कृषि कानूनों के खिलाफ जारी है किसान आंदोलन (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • SC ने जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया आदेश
  • SC के आदेश के बाद किसानों से बात करने पहुंचे सोनीपत उपायुक्त

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों से एक तरफ की सड़क खाली करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सुनाया. कोर्ट ने सोनीपत जिला प्रशासन को आदेश दिया है कि नेशनल हाईवे 44 पर कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों से एक तरफ का रास्ता आम लोगों को दिलाया जाए. 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सोनीपत उपायुक्त ललित सिवाच मंगलवार को कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर किसान प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और आम लोगों को हो रही परेशानी का हवाला देकर किसानों से सड़क खाली करने की अपील की. 

मोनिका अग्रवाल ने दायर की थी याचिका

कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर एक तरफ की सड़क खुलवाने को लेकर मोनिका अग्रवाल ने जनहित याचिका दायर की थी. उपायुक्त ने बताया कि इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने एनएच 44 पर कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर एक तरफ का रास्ता आम लोगों के लिए खुलवाने का आदेश दिया है. 

मोनिका ने याचिका दायर कर कहा था कि नोएडा से दिल्ली जाने में अब उसे 20 मिनट की जगह 2 घंटे लगते हैं और ऐसा किसानों के द्वारा किए गए सड़क जाम की वजह से हो रहा है. इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एस के कौल ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि आप इस समस्या का समाधान क्यों नहीं कर पा रहे हैं. किसानों को प्रदर्शन करने का अधिकार है लेकिन सड़कों पर ट्रैफिक को रोका नहीं जा सकता है.

 

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