ईरान की जेल में 400 से ज्यादा दिनों तक कैद रहने वाले पांच भारतीय नाविकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से मदद की अपील की है. इन पांच नाविकों को ईरान ने पिछले साल फरवरी में गिरफ्तार किया था. फिर आरोप साबित नहीं होने के बाद 9 मार्च 2021 को, तकरीबन 403 दिनों बाद बरी किया गया. लेकिन अब परेशानी यह है कि बरी होने के बाद भी ये लोग ईरान से घर नहीं लौट पा रहे क्योंकि ईरानी प्रशासन ने इनके कागजात वापस नहीं किए हैं.
अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगते (Indian seafarers Video for PM Modi) हुए इन पांच भारतीय नाविकों ने वीडियो बनाया है. वीडियो में अनिकेत नाम का नाविक कहता है, 'माननीय प्रधानमंत्री मोदी, हम यह वीडियो वतन वापसी के लिए बना रहे हैं. हम यह वीडियो चाबहार से बना रहे हैं जो कि ईरान में है. यह वही चाबहार है जहां भारत 200 मिलियन डॉलर का एक बंदरगाह बना रहा है.'
#Exclusive | 5 Indian seafarers released in Iran after 400 days appeal to PM Modi for help@PMOIndia @narendramodi @MEAIndia @India_in_Iran @dhamugaddam @Iran_in_India @DrSJaishankar @JZarifhttps://t.co/BSbMTjLqs8 via @indiatoday pic.twitter.com/7TkFUk87Yu
— Geeta Mohan گیتا موہن गीता मोहन (@Geeta_Mohan) July 14, 2021
वीडियो में अनिकेत आगे कहते हैं, 'हम लोगों पर झूठे आरोप लगाकार करीब 400 दिन जेल में रखा गया. ये आरोप जहाज मालिक और एजेंट ने लगाए थे. अब 9 मार्च 2021 को हमें छोड़ा गया है. दोषी साबित नहीं होने के बावजूद ईरानी अधिकारी हमें हमारे पासपोर्ट और अन्य कागजात नहीं लौटाए हैं.'
ईरान ने भारतीय नाविकों को क्यों पकड़ा
पीएम से मदद मांगने वाले नाविकों में अनिकेत येनपुरे (मुंबई, महाराष्ट्र), मंदार वर्लीकर (मुंबई, महाराष्ट्र), नवीन सिंह (बागेश्वर, उत्तराखंड), प्रणव कुमार (सारण, बिहार) और थमिज़सेलवन रेंगसामी (नागपट्टिनम, तमिलनाडु) शामिल हैं. उनपर ईरान में नशीले पदार्थ की तस्करी का आरोप लगा था. फिर 403 दिनों तक उन्हें न्यायिक हिरासत में रखा गया. इसके बाद 9 मार्च 2021 को उन्हें स्थानीय कोर्ट ने बेगुनाह पाया और बरी किया. उन्हें छोड़ तो अगले दिन ही दिया था लेकिन कागजात नहीं लौटाए गए हैं. इसके साथ-साथ उनके ईरान नहीं छोड़ने को कहा गया है.
वीडियो में अनिकेत बताते हैं कि उनके साथ जानवरों जैसा बर्ताव किया गया है. फिलहाल उनके पास बिल्कुल भी पैसे नहीं हैं और सब कुछ बहुत मुश्किल हो रहा है.