दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र जारी है. शुक्रवार को इस सत्र का दूसरा दिन है. गुरुवार को पहली बार आतिशी बतौर सीएम पहुंची थीं और नए सीटिंग अरेंजमेंट्स के मुताबिक वह पहली नंबर की सीट पर बैठीं, वहीं पूर्व सीएम केजरीवाल, कल बतौर विधायक विधानसभा पहुंचे थे. उन्हें 41 नंबर की सीट आवंटित की गई थी. सत्र का पहला दिन काफी हंगामेदार रहा तो वहीं पहले दिन जो अटकलें लग रही थीं, वह भी दूर हो गईं, कि विधानसभा में पूर्व सीएम केजरीवाल के लिए कोई कुर्सी खाली छोड़ी जाएगी!, हालांकि विधानसभा में ऐसा कुछ नहीं हुआ. वहीं, आज शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है.
शुक्रवार को सत्र का दूसरा दिन
अब जब शुक्रवार को सत्र का दूसरा दिन है तो चर्चा है कि क्या नई-नई सीएम बनीं आतिशी आज फ्लोर टेस्ट से गुजरेंगी. क्या AAP आज सरकार के लिए विश्वास प्रस्ताव लाएंगी. इस बार में दिल्ली के मंत्री गोपाल राय ने बताया था कि, नए सत्र का पहला एजेंडा हाल ही में दिल्ली की सीएम बनीं आतिशी के प्रति विश्वास मत हासिल करना होगा.
क्या बोले थे गोपाल राय?
गोपाल राय ने कहा था, 'दिल्ली से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर चर्चा होगी. आतिशी के नेतृत्व में नए मंत्रिमंडल के कार्यभार संभालने के बाद नई सरकार सदन में विश्वास मत पेश करेगी.' दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि रिज में पेड़ों की अवैध कटाई और बस मार्शलों को हटाने के मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है. 'हम आज विधानसभा में दिल्ली में बस मार्शलों को हटाने के मुद्दे पर चर्चा करेंगे. रिज क्षेत्र में पेड़ों की अवैध कटाई के मुद्दे पर भी चर्चा होगी. कल (शुक्रवार) विश्वास मत प्रस्ताव लाया जा सकता है.'
इस आधार पर हो सकता है कि आज विश्वास मत प्रस्ताव दिल्ली विधानसभा में लाया जा सकता है.
भाजपा उठा रही है 14 सूत्रीय मुद्दे
दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र के लिए भाजपा की पहले से प्लानिंग है कि वह 14 सूत्रीय मुद्दे उठाएगी. इस बारे में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने गुरुवार को ही कहा था कि भाजपा के सभी विधायक दिल्ली विधानसभा के सत्र में दिल्ली की 2 करोड़ जनता की समस्याओं पर चर्चा करने और सरकार को इन सब पर जवाब देने के लिए मजबूर करेंगे. उन्होंने कहा कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार अब 'भ्रष्ट पार्टी' की सरकार बन चुकी है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विधानसभा सत्र में विपक्ष आक्रामक रवैया अपनाते हुए 14 मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगा.
वो 14 मुद्दे जिन पर दिल्ली सरकार को घेर रहा है विपक्ष
1. मानसून की बारिश में 50 लोगों की मौत
2. कैग की लंबित 11 रिपोर्ट्स
3. 95,000 गरीबों को नहीं दिए राशन कार्ड्स
4. पीने के पानी की भारी किल्लत
5. बुजुर्गों को पेंशन
6. प्रदूषण का बढ़ता स्तर
7. लचर परिवहन व्यवस्था
8. छठा दिल्ली वित्त आयोग
9. दिल्ली जल बोर्ड का 73000 करोड़ का कर्ज
10. अस्पतालों के निर्माण में भ्रष्टाचार
11. डीयू के 12 कॉलेजों का फंड रोका
12. DSEU में फर्जी नियुक्तियां
13. भाजपा विधायकों के साथ सौतेला व्यवहार
14. केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू नहीं किया