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'झूठा केस झेला, परिवार ने भी सहे कष्ट, लेकिन अब...', मनीष सिसोदिया का छलका दर्द

दिल्ली लिकर पॉलिसी केस में पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया है. सिसोदिया ने कहा कि यह मामला पूरी तरह झूठा था और उनकी ईमानदारी साबित हुई है.

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 मनीष सिसोदिया ने दिल्ली सरकार के रिपोर्ट कार्ड को किया खारिज (Photo-ITG)
मनीष सिसोदिया ने दिल्ली सरकार के रिपोर्ट कार्ड को किया खारिज (Photo-ITG)

दिल्ली लिकर पॉलिसी केस में राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को पूर्व सीएम केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया. इसे लेकर दिल्ली के शिक्षामंत्री और पूर्व डिप्टी सीएम रहे मनीष सिसोदिया ने आजतक से खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि, आज आखिरकार सच्चाई सामने आ गए. घोटाले की कहानी पूरी झूठी थी और सच ये है कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और इनका परिवार ईमानदार है.

उन्होंने कहा कि, पीएम मोदी ने ईडी-सीबीआई कलम से हमें भ्रष्टाचारी सिद्ध करने की कहानी लिखी थी. इस आरोप को मैंने ही नहीं, मेरी पत्नी ने झेला, मेरे बेटे ने झेला. आज अच्छा लग रहा है कि कोर्ट की कलम से वो सच साबित हो गया कि हम लोग ईमानदार हैं.  26 फरवरी 2020 को सीबीआई ने मुझे अरेस्ट किया था. 2023 को उसी कोर्ट में वहीं खड़ा किया था ले जाके और आज 27 फरवरी 2026 को उसी कोर्ट ने उसी जगह पे खड़े हुए मेरे लिए कहा की ये पूरी कहानी मुकदमा चलाने लायक भी नहीं है. 

न्याय अभी भी जिंदा है- मनीष सिसोदिया
ये सुनकर अच्छा भी लग रहा था और मैं इमोशनल भी था. उन्होंने कहा कि अगर नेचुरल जस्टिस है तो यही है, क्योंकि पीएम मोदी जैसा आदमी अपने आपको भगवान समझने लगे तो फिर एक मैसेज आता है कहीं से कि भगवान कुछ और ही है. इस देश की सत्ता में कोई ईडी-सीबीआई के दम पर जाके बैठ जाए, इलेक्शन कमीशन पर जाके बैठ जाए और खुद को भगवान समझने लगे, ऐसा नहीं है. भगवान भगवान है. 

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उन्होंने कहा कि, अफसरों को भी समझना चाहिए कि देश उनका भी है. अगर वह किसी के इशारे पर कुचक्र रचते हैं तो उसकी आंच में किसी दिन वो भी जलेंगे. आज एक ऑफिसर को जलना पड़ा इसमें. उसकी आंच उन तक पहुंची. मैं किसी की बर्बादी की कामना नहीं करता लेकिन शायद देश भर के उन अफसरों के लिए जो पीएम मोदी जैसे लोगों के कहने पर ईमानदार लोगों के खिलाफ झूठी कहानियां लिखते हैं उनको सबक मिलेगा इससे.

आम आदमी पार्टी की हार साजिश का नतीजा
मनीष सिसोदिया ने भावुक अंदाज़ में कहा कि आम आदमी पार्टी की चुनावी हार एक साजिश का नतीजा थी. उनके मुताबिक, यह सब राजनीति को बचाए रखने और चुनाव जीतने के लिए किया गया. उन्होंने कहा कि अगर आज दिल्ली में चुनाव करा लिए जाएँ तो आम आदमी पार्टी 70 में से 70 सीटें जीत सकती है. जनता एक साल में त्रस्त हो गई.सिसोदिया का कहना है कि पिछले एक साल में जनता परेशान हो गई है. उनका दावा है कि दिल्ली की जनता अरविंद केजरीवाल को सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि अपना मानती है.

उन्होंने कहा, 'दिल्ली की जनता केजरीवाल को अलग स्तर पर अपना नेता मानती है. आज कोर्ट से जो फैसला आया है, उसके बाद लोग उन्हें ‘कोर्ट सर्टिफाइड कट्टर ईमानदार’ मान रहे हैं. अगर आज चुनाव हो जाएँ, तो जनता 70 की 70 सीटें दे सकती है. राजनीति में लड़ाई लड़ते हैं तो अंजाम के लिए तैयार रहते हैं.'

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मनीष सिसोदिया ने कहा कि राजनीति में जब आप ईमानदारी की लड़ाई लड़ते हैं, तो विरोधी पलटवार करते हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें अंदाज़ा था कि संघर्ष होगा, लेकिन यह नहीं सोचा था कि इतना आगे तक बात जाएगी और परिवार को भी कष्ट झेलना पड़ेगा. 'राजनीति में जब आप ईमानदारी की राजनीति करते हैं, तो सामने वाला बाउंस बैक करता है. लेकिन हमने नहीं सोचा था कि परिवार, बच्चों तक को इसका असर झेलना पड़ेगा.'

परिवार ने झेली मुश्किलें
सिसोदिया ने बेहद भावुक होकर अपने परिवार की मुश्किलों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी की तबीयत ठीक नहीं थी. बेटा अलग था, पत्नी अलग और वे खुद जेल में थे. अलग रहना, अकेले रहना… बेटा अलग, मां अलग और मैं अलग. कई बार ऐसी खबरें आती थीं कि पत्नी की तबीयत ठीक नहीं है. ऐसे में बहुत भावुक क्षण होते थे. हम भी आम इंसान हैं, हमें भी दर्द होता है, हमारे भी इमोशंस हैं.' उन्होंने कहा कि राजनीति में बड़ी लड़ाई लड़ने का मतलब यह नहीं कि इंसान को दर्द नहीं होता. अगर मेरा बेटा हॉस्टल के कमरे में अकेले बैठकर रो रहा है, तो दुःख तो होता है.'

सिसोदिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस पर विचार करना चाहिए कि एक परिवार को एक झूठे केस में कितना कष्ट झेलना पड़ा. 'पीएम मोदी को सोचना चाहिए कि आपने एक परिवार को कितना प्रताड़ित किया. आज तो उन्हें सोचना चाहिए.' फैसले के बाद सिसोदिया ने कहा कि उन्हें काफी राहत महसूस हो रही है.
उन्होंने कहा कि वे जल्द ही अपने परिवार से मिलेंगे और आगे की लड़ाई मजबूती से लड़ेंगे.

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जब उनसे पूछा गया कि मामला हाईकोर्ट में जा सकता है, तो उन्होंने कहा कि वे सिर्फ इस केस की बात नहीं कर रहे हैं. 'काम तो हमें वही करना है. हमें अपने देश से प्यार है. इस देश में ईमानदारी की राजनीति और शिक्षा की राजनीति के लिए जो करना पड़ेगा, करेंगे. आगे भी कोई बाधा आएगी तो झेलेंगे और मजबूत बनेंगे.'

असली मुद्दा देश का विकास- सिसोदिया
जब उनसे पूछा गया कि क्या इस फैसले से विपक्ष एकजुट होगा, जबकि कांग्रेस साथ नहीं है और आम आदमी पार्टी को “बी टीम” कहती रही है. इस पर सिसोदिया ने कहा, 'देश को स्कूल चाहिए, अस्पताल चाहिए, रोजगार चाहिए, व्यापारियों का व्यापार चाहिए ताकि देश तरक्की करे. कांग्रेस क्या होगी, विपक्ष क्या होगा, सत्ता क्या होगी — देश को आगे रखिए, बाकी सब चीजें पीछे छूट जाएंगी.'उन्होंने कहा कि असली मुद्दा देश का विकास है, न कि कौन किसके साथ है.

सिसोदिया ने माना कि जेल में बिताया समय वापस नहीं आ सकता. उन्होंने कहा कि 'बीता हुआ समय लौटकर नहीं आता. लेकिन हम आगे बढ़ेंगे. अब आगे की लड़ाई और मजबूती से लड़ी जाएगी.'

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