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दिल्ली: लोकायुक्त जांच में पूर्व पार्षद पर आरोप साबित, कार्रवाई अब भी अधर में

दिल्ली में भ्रष्टाचार से जुड़ा एक गंभीर मामला कार्रवाई के अभाव में ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है. इस मामले में एक नेता और पूर्व पार्षद पर करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति बनाने का आरोप है, जिसकी पुष्टि लोकायुक्त की जांच में हुई है

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जांच में पूर्व पार्षद पर आरोप साबित. (Photo: AI-generated)
जांच में पूर्व पार्षद पर आरोप साबित. (Photo: AI-generated)

राजधानी दिल्ली में भ्रष्टाचार से जुड़ा एक गंभीर मामला कार्रवाई के अभाव में ठंडे बस्ते में जाता दिखाई दे रहा है. लोकायुक्त की जांच रिपोर्ट में एक नेता और पूर्व पार्षद पर करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति बनाने का आरोप साबित हुआ है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक या कानूनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

इस मामले को सबसे पहले दयानंद कोचवाल ने उठाया था, जिन्होंने लोकायुक्त के समक्ष डॉक्यूमेंट्स और सबूत पेश किए थे.

उन्होंने दावा किया कि मोंटी ने अपने पार्षद कार्यकाल (2007–2017) के दौरान पद का दुरुपयोग कर हौज खास और ग्रीन पार्क एक्सटेंशन जैसे पॉश इलाकों में अवैध संपत्तियां खरीदी थीं.

कोचवाल का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत उपराज्यपाल से लेकर हाईकोर्ट तक की है. हाईकोर्ट ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को जांच करने का निर्देश भी दिया था, लेकिन इसके बाद भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी.

संदिग्ध लेन-देन पर सवाल

कोचवाल ने आरोप लगाया कि मोंटी के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन पाए गए, जिसमें ₹25 लाख से लेकर ₹2 करोड़ तक के कई बड़े ट्रांजेक्शन शामिल हैं. उन्होंने कहा, 'मोंटी न तो इन पैसों के सोर्स को बता पाए और न ही कोई ठोस सबूत पेश कर सके.'

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लोकायुक्त की रिपोर्ट

लोकायुक्त की जांच रिपोर्ट में भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग की पुष्टि हुई, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हो रही, ये सवाल उठ रहा है. कोचवाल ने कहा, 'जब लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार साबित कर दिया तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या बड़े नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत के बिना ऐसा संभव है?'

इस मामले में नाम ना बताने की शर्त पर पूर्व पार्षद ने आजतक से बातचीत में कहा कि ये सभी आरोप बेबुनियाद हैं. उन्होंने बताया, '2023 में लोकायुक्त ने मुझे नोटिस दिया था, जिस पर मैंने अपना जवाब सबमिट कर दिया है. इसके अलावा मैंने हाईकोर्ट में अपील की है और आरोप लगाने वाले पर मानहानि का केस भी दर्ज कराया है.'

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