दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) आज 'खराब' श्रेणी में, औसतन 206 दर्ज किया गया है. एक्यूआई के 201 से ऊपर रहने पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन योजना (जीआरएपी) के स्टेज-I को लागू किया जाता है. GRAP पर सीएक्यूएम की उप-समिति ने मौजूदा वायु गुणवत्ता और मौसम विभाग के पूर्वानुमान का मूल्यांकन करते हुए पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 27 सूत्रीय योजना लागू करने का फैसला किया है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और आईआईटीएम के अनुमानों की माने तो दिल्ली-एनसीआर में सतही हवा की अस्थिरता और प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण एयर क्वालिटी इंडेक्स में वृद्धि हो रही है. इसे ध्यान में रखते हुए, आयोग ने तुरंत प्रभाव से जीआरएपी के स्टेज-I के तहत सभी 27 सूत्रीय योजना को लागू किए हैं.
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दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करने के निर्देश
दिल्ली-एनसीआर के सभी निकायों को आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा. इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (पीसीबी) और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) जैसी संस्थाओं को कहा गया है कि वे सुनिश्चित करें कि जीआरएपी के स्टेज-I के तहत सभी उपाय सफलता और सख्ती से लागू हो रहे हैं.
निर्धारित समय-सीमा के मुताबिक काम करने के निर्देश
इसके अतिरिक्त, सभी संबंधित एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा के अनुसार कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. खासकर, निर्माण और विध्वंस गतिविधियों के लिए और सड़कों/खुले क्षेत्रों की साफ-सफाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. ये कदम आने वाले महीनों में दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता को तय करने में अहम योगदान देंगे.
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ग्रामीण और शहरी नागरिकों से विशेष अपील की गई है कि वे जीआरएपी के स्टेज-I के नागरिक चार्टर में लिस्ट किए गए कदमों का पालन करें ताकि वायु प्रदूषण को रोका जा सके और जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाया जा सके. यह संयुक्त कोशिश दिल्ली-एनसीआर की हवा को साफ करने के दिशा में एक अहम कदम साबित होगा.