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Defence Budget: चीन सीमा के इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर, आत्मनिर्भर का सपना और डिफेंस रिसर्च में प्राइवेट प्लेयर्स पर जोर

Defence Budget India: केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2022-23 में रक्षा पर 5.25 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी. वित्त वर्ष 2021-22 में रक्षा के लिए सरकार ने 4.78 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा था.

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इस साल रक्षा बजट में करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है. (फाइल फोटो-PTI) इस साल रक्षा बजट में करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है. (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हथियार खरीद के लिए 1.52 लाख करोड़
  • बीआरओ का बजट 40 फीसदी बढ़ाया गया

Defence Budget India: चीन की हरकतें और भारतीय सेना के आधुनिकीकरण को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने रक्षा बजट में अच्छी-खासी बढ़ोतरी की है. इस साल केंद्र ने रक्षा मंत्रालय के लिए 5.25 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा है. ये कुल बजट का 13.31% है. इसमें पेंशन के लिए 1.19 लाख करोड़ रुपये की रकम भी शामिल है. 

लेकिन बड़ी घोषणा ये है कि डिफेंस रिसर्च और डेवलपमेंट में खर्च की जाने वाली 25 फीसदी रकम स्टार्टअप, निजी उद्योगों और अकादमियों को भी दी जाएगी. मकसद ये है कि देश के लिए जरूरी रक्षा उपकरण का विकास और निर्माण देश में ही हो.

आधुनिकीकरण के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये

- मौजूदा वित्त वर्ष में कुल रक्षा बजट 4.78 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें करीब 1.16 लाख करोड़ रुपये पेंशन के लिए है. जबकि आधुनिकीकरण के लिए 1.36 लाख करोड़ रुपये हैं. मंगलवार को जो रक्षा बजट पेश किया गया है, उसमें कुल राशि 5.25 लाख करोड़ रुपये है. इसमें से 1.52 लाख करोड़ रुपये की रकम आधुनिकीकरण के लिए रखी गई है.

- इस 1.52 लाख करोड़ रुपये की रकम से सेना के लिए हथियार और उपकरण खरीदे जाएंगे. इसमें से भी 68% रकम घरेलू खरीद पर खर्च होंगे. यानी स्वदेशी कंपनियों से ही हथियार खरीदे जाएंगे, ताकि आत्मनिर्भर भारत को जोर मिले.

- बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए भी बजट में 55 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है. इंडियन कोस्ट गार्ड, बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन और डायरेक्टर जनरल ऑफ डिफेंस एस्टेट के लिए 8,050 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. वित्त वर्ष 2021-22 में 5,173 करोड़ रुपये बजट था.

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हथियारों की खरीद के लिए वायुसेना को 55,586 करोड़

- केंद्र सरकार ने हथियारों की खरीद के लिए सबसे ज्यादा रकम वायुसेना को दी है. वायुसेना को नए हथियार और उपकरण की खरीद के लिए 55,586.65 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. नौसेना को 47,590.99 करोड़ और सेना को 32,015.26 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. इस रकम से तीनों सेनाएं अपने लिए हथियार, फाइटर जेट, सबमरीन, हेलीकॉप्टर और अन्य उपकरण खरीदेगी.

चीन को मिलेगा जवाब!

- चीन की मौजूदगी सीमा से लेकर समुद्र तक बढ़ती जा रही है. इसे जवाब देने के लिए बजट बढ़ाया गया है. हथियार खरीद के लिए नौसेना का बजट मौजूदा वित्त वर्ष की तुलना में 45% बढ़ाया गया है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि हिंद महासागर में चीन अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है. 

- इसके अलावा तटीय सुरक्षा मजबूत करने के लिए इंडियन कोस्ट गार्ड का बजट 60% से ज्यादा बढ़ाकर 4,246 करोड़ रुपये किया गया है. इस रकम से जहाजों और विमानों की खरीद की जाएगी. साथ ही बुनियादी ढांचा बढ़ाया जाएगा.

- इतना ही नहीं, सीमावर्ती इलाकों में पुल और सड़क बनाने के लिए बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) का बजट भी 40% बढ़ाया गया है. इस बार BRO को 3,500 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ जारी तनाव के बीच भारत लगातार पुल और सड़क का निर्माण कर रहा है.

 

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