scorecardresearch
 

Budget 2022 Points: इस बार के बजट को आसानी से कैसे समझें? केवल पढ़ लीजिए ये 10 सवाल और जवाब

10 most important things you need to know: सरकार ने इस बजट को अगले 25 साल का ब्लूप्रिंट बताया है. बजट में मुख्य फोकस रोजगार, कारोबार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर रहा है. सरकार अगले वित्त वर्ष यानी अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक 39.44 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी. ये अभी अनुमान है और ये घट-बढ़ भी सकता है. 

X
बजट 2022 में भविष्य को ध्यान में कई बड़े फैसले बजट 2022 में भविष्य को ध्यान में कई बड़े फैसले
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बजट में सरकार का रोजगार पर फोकस
  • कोरोना की वजह से इकोनॉमी की राह में अड़चनें

आम आदमी बजट को सीधे शब्दों में समझना चाहता है. बजट (Budget 2022) भाषण में तमाम ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है, जिसका अर्थ कुछ और होता है. ऐसे में अगर आप बजट को आसान भाषा और कम समय में समझना चाहते हैं तो हम आपके लिए बजट की मुख्य बातों को सवाल-जवाब के पारूप में लेकर आए हैं. अक्सर बजट को लेकर लोगों के मन में इसी तरह के आम सवाल होते हैं, उसके जवाब आपको सरल वाक्यों में नीचे मिल जाएंगे.

सवाल 1- बेरोजगारी (Unemployment) सबसे बड़ी समस्या है, बजट में रोजगार को लेकर क्या कदम उठाए गए हैं? 
जवाब- सरकार का कहना है कि जब मांग बढ़ेगी, तो प्रोडक्शन बढ़ेगा, और जब प्रोडक्शन बढ़ेगा तो इसके लिए मैनपावर (कामगार) की जरूरत होगी. इसलिए सरकार का फोकस मांग बढ़ाने पर है. उद्योग जगत, छोटे कारोबारियों और खासकर स्टार्टअप्स के लिए बजट में राहत के ऐलान किए गए हैं. रोजगार को ध्यान में रखकर ही आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत PLI स्कीम सरकार लाई गई है. जिसका अच्छा रिस्पॉन्स रहा है. मेक इन इंडिया के तहत 60 लाख नौकरियां आएंगी. इसके अलावा आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत 16 लाख नौकरियां (Jobs) दी जाएंगी. 

सवाल 2- बजट में जो ऐलान किए जाते हैं, उसपर खर्चे के लिए पैसे कहां से आएंगे? 
जवाब- अगले वित्त वर्ष में सरकार का कुल खर्च 39.45 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. जबकि सरकार को टैक्स सहित सभी सोर्स से मिलने वाली रकम 22.84 लाख करोड़ रुपये रहेगी. ऐसे में खर्चे की राशि जुटाने के लिए बजट दस्तावेज के मुताबिक केंद्र सरकार अगले वित्त वर्ष में करीब 15 लाख करोड़ रुपये मूल्य के बॉन्ड बेचना चाहती है. इस तरह खर्च और आय के बीच के अंतर को पाटने के लिए सरकार बॉन्ड के जरिए बाजार से उधार लेगी. हालांकि सरकार का बाजार से ज्यादा उधार लेना इकोनॉमी के लिए अच्छा नहीं होता है. इससे ब्याज दर बढ़ने की आशंका होती है.

सवाल 3- इस बजट के बाद क्या कुछ महंगा और सस्ता होने वाला है? 
जवाब-
निर्मला सीतारमण (Nirmala Sithraman) ने बजट में विभिन्न सेक्टर्स में टैक्स और इनसेंटिव को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं. कपड़े, लेदर आइटम, जेम्स (रत्न वाले पत्थर) और डायमंड, मोबाइल फोन और चार्जर, सेलुलर मोबाइल फोन के लिए कैमरा लेंस, जूते-चप्पल, कृषि उपकरण और औजार, मेंथा ऑयल और हींग जैसी चीजें सस्ती हो सकती हैं. बिना ब्लेंडिंग वाले फ्यूल, विदेशी छाता, नकली गहने, सिंगल/मल्टीपल लाउडस्पीकर्स, ईयरफोन/हेडफोन, स्मार्ट मीटर, सोलर सेल, सोलर मॉड्यूल और एक्स-रे मशीन महंगी हो सकती हैं. 

बजट में साल दर साल इजाफा

सवाल 4- आम टैक्सपेयर्स (Taxpayers) को इस बार बजट में क्या मिला?
जवाब-
इनकम टैक्स (Income Tax) के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. अभी 0-2.50 लाख रुपये तक की आय पर पूर्ण टैक्स छूट का प्रावधान है. टैक्स सरकारी आय का एक अहम जरिया है. एक उदाहरण के तौर पर सरकार की 1 रुपये की कमाई में 15 पैसा आम आदमी के इनकम टैक्स का होता है. हालांकि आयकर विभाग द्वारा अब टैक्स भरने में चूक पर सुधार का मौका दिया जाएगा. अब आईटीआर भरने में गड़बड़ी हुई तो दो साल तक सुधार करने का मौका मिलेगा. जुर्माना भरकर पिछले 2 साल का इनकम टैक्स रिटर्न अपडेट कर सकते हैं. 

सवाल 5- अगले एक साल में सरकार का विनिवेश (Disinvestment) प्लान किया है? 
जवाब-
वित्त वर्ष 2021-22 में विनिवेश के जरिये 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य दिया था. जिसे बजट में संशोधित कर 78 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है. वित्त वर्ष 2022-23 में विनिवेश से सरकार की योजना 65 हजार करोड़ रुपये जुटाने की है. सरकार कुछ कंपनियों से अपना पीछा छुड़ाने चाहती हैं, जबकि कुछ कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी को कम करना चाहती है, ताकि जनकल्याण में होने वाले खर्चों के लिए पैसे जुटाए जाएं. सरकार ने कहा कि LIC का आईपीओ जल्द आने वाला है. 


सवाल 6- किसानों (Farmer) को बजट में क्या राहत मिली?  
जवाब-
किसानों को खेती में लागत घटाने के लिए ड्रोन के जरिए तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. MSP मूल्य का रिकार्ड भुगतान किया जाएगा. रसायनिक उवरर्कों पर निर्भरता को कम किया जाएगा. राज्यों को विश्वविद्यालयों में कृषि पाठ्यक्रमों में बदलाव किया जाएगा. केन-बेतवा परियोजना के लिए 44,605 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है. इससे 9 लाख हेक्टेयर से अधिक हेक्टेयर रकबे को सिंचाई का पानी प्राप्त होगा. किसानों को डिजिटल और हाई-टेक सेवाएं प्रदान करने के लिए पीपीपी मॉडल में योजना की होगी शुरुआत. 

तरक्की का ग्राफ

सवाल 7- क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) को लेकर बजट में क्या कदम उठाए गए?   
जवाब-
क्रिप्टोकरेंसी से इनकम पर 30 फीसदी टैक्स लगाया जाएगा. इसके अलावा वर्चुअल करेंसी के ट्रांसफर पर 1 फीसदी TDS भी लगेगा. वित्त मंत्री ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी पर सरकार काम कर रही है, पूरी तैयारी के साथ सामने आएगी. लेकिन अब सरकार ने क्रिप्टो पर टैक्स लगाकर इस पर आगे बढ़ने का संकेत दे दिया है. हालांकि वहीं दूसरी ओर सरकार ने रिजर्व बैंक द्वारा 'डिजिटल रुपये' की भी शुरुआत करने का ऐलान किया है. 

सवाल 8- शिक्षा-स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट में क्या प्रावधान?  
जवाब-
कोरोना काल में पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ, खासकर ग्रामीण इलाकों में. 'एक क्लास, एक टीवी चैनल' को 12 से बढ़ाकर 200 टीवी चैनल किया जाएगा. इसके अलावा एक डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना होगी. अगर हेल्थ की बात करें तो बजट हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत करने पर जोर दिया गया है. मेंटल हेल्थ काउंसिलिंग और केयर सर्विसेस के लिए एक राष्ट्रीय टेली मेंटल हेल्थ प्रोग्राम शुरू किया जाएगा. देश के मुख्य मानसिक स्वास्थ्य संस्थान NIMHANS के अंतर्गत 23 मानसिक स्वास्थ्य केंद्र चलाए जाएंगे. 

सवाल 9- इस बजट में रेलवे (Railways) को क्या मिला? 
जवाब-
किराये में कोई बदलाव नहीं हुआ है. अगले तीन साल में हाई स्पीड 400 नई वंदे भारत ट्रेनें शुरू की जाएंगी. मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम गति शक्ति-राष्ट्रीय मास्टर प्लान की शुरुआत की गई है. भारतीय रेलवे की गति के लिए 100 गतिशक्ति कार्गो का भी प्लान है. आत्मनिर्भर भारत के तहत सुरक्षा और क्षमता में बढ़ोतरी के लिए 2,000 किमी रेल नेटवर्क को स्वदेशी तकनीक कवच के तहत लाया जाएगा. रेलवे एमएसएमईज और छोटे किसानों के लिए नए प्रोडक्ट्स डेवलप करेगा.

सवाल 10- उद्योग जगत, कारोबारियों के लिए बजट में क्या राहत की बात है? 
जवाब-
बजट में छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए बड़ा ऐलान किया गया है. ECLGS स्कीम की अवधि बढ़ाकर मार्च 2023 तक करने का ऐलान किया है. इस स्कीम के तहत मिलने वाले गारंटी कवर को भी 50,000 रुपये बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है. सरकार का कहना है इससे छोटे उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी. सरकार का कहना है कि इस बजट को अगले 25 साल को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें