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Budget 2022 : क्रिप्टो पर टैक्स से डिजिटल करेंसी तक... एक्सपर्ट से जानिए बजट की 10 बड़ी बातें

वित्त मंत्री ने कहा कि इस बजट से अगले 25 सालों की बुनियाद रखी जाएगी. इस बजट में 16 लाख नौकरियां देने का वादा किया गया है. इकोनॉमिक पॉलिसी एक्सपर्ट सिद्धार्थ जराबी ने बजट 2022 के हर अहम पहलू पर विस्तृत जानकारी दी.

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को 2022-23 का बजट पेश किया वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को 2022-23 का बजट पेश किया

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022-23 का बजट पेश किया. बजट में क्रिप्टो करेंसी पर टैक्स, डिजिटल रुपया की लॉन्चिंग जैसे तमाम ऐलान किए हैं. हालांकि, बजट में टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे मिडिल क्लास जरूर मायूस होगी. सीतारमण ने कहा कि इस बजट से अगले 25 सालों की बुनियाद रखी जाएगी. इस बजट में 16 लाख नौकरियां देने का वादा किया गया है. इकोनॉमिक पॉलिसी एक्सपर्ट सिद्धार्थ जराबी ने बजट 2022 के हर अहम पहलू पर विस्तृत जानकारी दी. 

1- क्रिप्टो करेंसी से कमाई पर 30% टैक्स का क्या मतलब है?
एक्सपर्ट- सरकारी क्रिप्टो आएगा. खरीदने-बेचने पर 30% टैक्स लगेगा. 

2- क्या इलेक्ट्रॉनिक्स और ज्वेलरी से कस्टम ड्यूटी घटाने से सामान सस्ते होंगे?
एक्सपर्ट-  कस्टम ड्यूटी कम हुई है. जमीनी स्तर पर रेट कम होंगे, ऐसा मुझे नहीं लगता है. इसकी वजह सप्लाई इश्यू है. लगातार सामानों के दाम बढ़ते रहे हैं और सप्लाई की भी दिक्कत आ रही है.

3- स्टार्टअप में इंटेंसिव का क्या मतलब है?
एक्सपर्ट-  बहुत बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स के लिए पैसा आया है. पहली बार बड़ा नंबर बताया गया है. 5.5 लाक करोड़ का. स्टार्टअप्स के संबंध में एक कमेटी गठित की जाएगी. इसके लिए फ्रेम वर्क बनाया जाएगा. इसके जरिए गैप भरने की कोशिश की जाएगी. 

4- वन नेशन वन रजिस्ट्रेशन क्या है?
एक्सपर्ट-  वन नेशन वन रजिस्ट्रेशन ईज ऑफ डूइंग के लिए एक स्टेप है. 

5- डिजिटल रुपया का क्या मतलब है
एक्सपर्ट-  बड़ा ऐलान है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने क्रिप्टो करेंसी का मुकाबला करने के लिए फैसला किया था. अब रिजर्व बैंक की जीत हुई है. एक सरकारी वर्चुअल करेंसी आएगी. लेकिन ये क्रिप्टो की तरह इसकी कीमत नहीं बढ़ेगी. इसके अलावा इस पर टैक्स भी रहेगा. हम पहले भी कहते रहे हैं, कि इसमें पैसा है, लेकिन रिस्क बहुत है. 

6- एक तरफ हवाई ईंधन की कीमतों में वृद्धि हुई है दूसरी ओर ई पासपोर्ट का ऐलान किया है, ये क्या है?
एक्सपर्ट-  जाहिर सी बात है कि भारत में अमेरिका से ज्यादा डिजिटल पैमेंट हैं. भारत में कोरोना वैक्सीन सर्टिफिकेट डिजिटल मिल रहा है. जबकि अमेरिका में हाथों से बन रहा है. ऐसे में भारत के लिए ई पासपोर्ट कोई बड़ी बात नहीं है. ये बड़ा ऐलान है. विदेश जाने वालों को बड़ा लाभ होगा. 

7-  पीएम गतिशक्ति योजना के तहत राज्यों को 50 साल तक ब्याज के बिना लोन दिया जाएगा, इसका क्या मतलब है?
एक्सपर्ट-  ये बजट कई साल का है. वित्त मंत्री ने 25 साल के बजट की बात कही है. इस कोरोना काल में राज्यों को लोन लेने में दिक्कत हुई थी. अभी राज्यों की इस पर क्या प्रतिकिया होगी, हम नहीं कह सकते हैं. राज्य जिस दर पर पैसे उठाती हैं, वो सरकार के इस ऐलान के बाद बढ़ गई हैं. 

8- निवेश पर सरकार से सवाल किया जाता है, कि आपके बदलाव से निवेश में क्या फायदा मिला. 
एक्सपर्ट-  काफी अच्छा स्टेप है. अगर सरकार तय करती है, कि 10 हजार करोड़ का हाईवे बनाएगी. ये निजी कंपनियां माल खरीदती हैं और रोजगार पैदा होता है. सरकार के पास कमाई टैक्स से होती है. इसे सरकार निजी हाथों से अर्थव्यवस्था में आम आदमी तक कमाई के नाते पहुंचाने का प्रोसेस है. यह अच्छा स्टेप है. 2024 से इसका असर देखने को मिलेगा. 

9- डिफेंस में मेक इन इंडिया के तहत स्टार्टअप के लिए अलग से प्रावधान किया गया है, इसका क्या मतलब है?

एक्सपर्ट-  बीटिंग द रिट्रीट पर आपने देखा होगा कि भारत की छोटी कंपनी ने ड्रोन डिस्प्ले दिखाया था. यही ड्रोन जब जरूरत पड़ने पर बॉर्डर के उस पार बम डालेगा, तो क्या होगा. यही डिफेंस आत्मनिर्भरता है. मैं मानता हूं, 2014-15 से आत्मनिर्भर भारत के लिए नए नए प्रयोग शुरू किए थे. कुछ सफल भी हुए हैं. अब शायद भारत अगले कुछ सालों में टक्कर देने की स्थिति में होंगे. अब भारतीय जवानों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण भारत में ही बनें. यानी गोली भारत की हो, लेकिन छाती दुश्मन की हो. 

10- मोबाइल 5 जी पर सरकार का क्या ऐलान है?
एक्सपर्ट-  रोटी, कपड़ा और डेटा. स्पेक्ट्रम बचने में सरकार लालच न करे, तो शायद लोगों तक सस्ती 5जी सेवा पहुंच पाएगी. 

11- वित्त मंत्री ने मोबाइल फोन चार्जर, मोबाइल फोन कैमरा लेंस, ट्रांसफॉर्मर समेत कई आइटम्स के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के लिए छूट की घोषणा की है. इन आइटम्स पर ड्यूटी कंसेशन की बात बजट 2022 में कही गई है. इसका क्या मतलब है?
एक्सपर्ट-  ये उत्पादन को लेकर बूस्ट है. भारत में बड़ी संख्या में मोबाइल बन रहे हैं. हालांकि, कई पुर्जे विदेश से आते हैं. अब इस कदम से मेड इन इंडिया प्रोजेक्ट्स में इनपुट कॉस्ट कम होगा. ऐसे में आगे जाकर मोबाइल के दाम बढ़ेंगे नहीं. 
 

 

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