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CRPF हाई एल्टीट्यूड पर करेगी आतंकियों की घेराबंदी, J&K में बनाए 43 टेंपरेरी ऑपरेटिंग बेस

पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ बड़ा एक्शन शुरू किया गया है. सीआरपीएफ ने गृह मंत्रालय के निर्देश पर हाई-एल्टीट्यूड इलाकों में 10,000 से 13,000 फीट की ऊंचाई पर 43 टेंपरेरी ऑपरेटिंग बेस (TOB) स्थापित किए हैं. नक्सल क्षेत्रों की तर्ज पर बनाई गई इस रणनीति से आतंकियों के खिलाफ बड़े ऑपरेशन तेज किए जाएंगे.

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आतंकवादियों से निपटने के लिए सीआरपीएफ ने जम्मू-कश्मीर के उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 43 टेंपरेरी ऑपरेटिंग बेस स्थापित किए. (Photo: ITG)
आतंकवादियों से निपटने के लिए सीआरपीएफ ने जम्मू-कश्मीर के उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 43 टेंपरेरी ऑपरेटिंग बेस स्थापित किए. (Photo: ITG)

पहलगाम हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने बड़ा और निर्णायक एक्शन शुरू कर दिया है. सुरक्षा बलों के सूत्रों के मुताबिक, सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स ने गृह मंत्रालय के आदेश पर जम्मू-कश्मीर के हाई-एल्टीट्यूड इलाकों (ऊंचाई वाले क्षेत्रों) में 43 टेंपरेरी ऑपरेटिंग बेस (TOB) स्थापित किए हैं.

सूत्रों के अनुसार, ये टेंपरेरी ऑपरेटिंग बेस जम्मू-कश्मीर के दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में 10,000 से 13,000 फीट की ऊंचाई पर बनाए गए हैं. इन ठिकानों का मकसद आतंकियों की मूवमेंट पर करीबी नजर रखना और बड़े स्तर पर सर्च एंड डेस्ट्रॉय ऑपरेशन को अंजाम देना है. टेंपरेरी ऑपरेटिंग बेस की स्थापना की यह रणनीति पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद तेज की गई है.

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह मॉडल नक्सल प्रभावित इलाकों में बनाए गए फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) की तर्ज पर अपनाया गया है, जहां स्थायी और अस्थायी बेस बनाकर नक्सलियों की कमर तोड़ी गई थी. अब उसी रणनीति को जम्मू-कश्मीर में लागू करते हुए CRPF ने हाई-एल्टीट्यूड क्षेत्रों में TOB बनाकर आतंकियों के खिलाफ घेराबंदी मजबूत कर दी है.

यह भी पढ़ें: जम्मू-कश्मीर में बड़े हवाला रैकेट का भंडाफोड़, भारत विरोधी गतिविधियों वाले 8,000 अकाउंट फ्रीज

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सुरक्षा बलों के सूत्रों के मुताबिक, इस समय जम्मू-कश्मीर में करीब 90 विदेशी (पाकिस्तानी) आतंकी सक्रिय बताए जा रहे हैं, जबकि स्थानीय आतंकियों की संख्या सिर्फ 6 आंकी गई है. इन आंकड़ों को देखते हुए सुरक्षा बलों ने विदेशी आतंकियों को निशाना बनाकर बड़े और निर्णायक ऑपरेशन की योजना पर काम तेज कर दिया है.

सूत्रों का कहना है कि टेंपरेरी ऑपरेटिंग बेस के जरिए आतंकियों के मूवमेंट वाले इलाकों में लगातार दबाव बनाया जाएगा, जिससे उन्हें न तो सुरक्षित पनाह मिलेगी और न ही हमलों की साजिश रचने का मौका. आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ सुरक्षा बलों का यह अभियान और तेज होने की संभावना है.

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