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सतनाम सिंह, दर्शनपाल समेत कई किसान नेताओं ने दिए भड़काऊ भाषण- पुलिस कमिश्नर

दिल्ली पुलिस के कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने कल गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा पर कहा कि किसानों ने कल पुलिस के द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पुलिस बैरिकेड तोड़कर हिंसक घटनाएं कीं. कई किसान नेताओं ने भड़काऊ भाषण तक दिए.

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ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के लिए पुलिस ने किसान नेताओं पर आरोप लगाया (पीटीआई)
ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के लिए पुलिस ने किसान नेताओं पर आरोप लगाया (पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'किसानों ने परेड के दौरान उपद्रवी तत्वों को आगे किया'
  • 'कुछ किसानों ने बैरिकेड तोड़ डाले, लाल किले पहुंच गए'
  • हिंसा में पुलिस की 30 गाड़ियों को नुकसानः पुलिस कमिश्नर
  • कल हुई हिंसा को लेकर अब तक करीब दो दर्जन केस दर्ज

गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के लिए दिल्ली पुलिस ने कई किसान नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है. दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने कहा कि किसानों ने परेड के दौरान उपद्रवी तत्वों को आगे किया. साथ ही यह भी बताया कि सतनाम सिंह, दर्शनपाल समेत कई किसान नेताओं ने भड़काऊ भाषण दिए थे.

हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस के कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने आज बुधवार को पीसी के दौरान कहा कि 2 जनवरी को दिल्ली पुलिस को पता चला कि किसान 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली करने जा रहे हैं. हमने किसानों से कहा कि वे कुंडली, मानेसर, पलवल पर ट्रैक्टर रैली निकालें, लेकिन किसान दिल्ली में ही ट्रैक्टर रैली निकालने पर अडिग रहे.

किसानों को उकसा रहे किसान नेताः CP

CP एसएन श्रीवास्तव ने कहा कि किसान नेता किसानों को उकसा रहे थे और ये वही थे जो पहले से निर्धारित रूटों पर जाने से इनकार कर रहे थे. हमारे पास ऐसे वीडियो हैं जिसमें दिख रहा है कि किस तरह नेता किसानों को उकसा रहे हैं.

उन्होंने आगे कहा कि गाजीपुर में किसान नेता राकेश टिकैत के साथ जो किसान मौजूद थे. उन्होंने भी हिंसा की घटना को अंजाम दिया और आगे बढ़कर अक्षरधाम गए, हालांकि पुलिस द्वारा कुछ किसानों को वापस भेजा गया, लेकिन कुछ किसानों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ डाले और लाल किले पहुंच गए. 

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हमने संयम बरता: CP

कुछ अन्य किसान नेताओं का जिक्र करते हुए पुलिस कमिश्नर श्रीवास्तव ने कहा कि 25 जनवरी को हमने महसूस किया कि किसान उपद्रवी तत्वों को आगे बढ़ा रहे हैं. किसान नेता सतनाम सिंह पन्नू ने भड़काऊ भाषण दिया तो वहीं दर्शनपाल सिंह ने तय रूट को फॉलो नहीं किया. उन्होंने किसानों को भड़काया. सीपी श्रीवास्तव ने यह कहा कि पुलिस के सामने कई विकल्प थे लेकिन हमने संयम बरता. किसान नेता भी हिंसा में शामिल थे.

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किसानों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए पुलिस कमिश्नर ने कहा कि किसानों ने कल पुलिस के द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पुलिस बैरिकेड तोड़कर हिंसक घटनाएं की. कुल मिलाकर 394 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और कुछ पुलिसकर्मी ICU में भी हैं. हिंसा में पुलिस की 30 गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है. 

अब तक दो दर्जन केस दर्ज

दिल्ली में कल मंगलवार को हुई हिंसा को लेकर अब तक करीब दो दर्जन केस दर्ज किए जा चुके हैं. एफआईआर में कई किसान नेताओं का जिक्र है. पुलिस इस मामले में साजिश को लेकर भी एफआईआर दर्ज करेगी. कल हुई हिंसा के पीछे जो लोग शामिल हैं, उनका भी पता लगाया जाएगा.

दिल्ली पुलिस की ओर से दिए गए गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाली एफआईआर में कई किसान नेताओं के नाम हैं. डॉक्टर दर्शनपाल, जोगिंदर सिंह उग्राहा, बूटा सिंह, बलबीर सिंह राजेवाल, राकेश टिकैत और राजेन्द्र सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इन्हीं किसान नेताओं के साथ बातचीत कर दिल्ली पुलिस ने एनओसी दी थी. ट्रैक्टर रैली के दौरान नियम तोड़ने को लेकर भी केस दर्ज किया गया है.

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