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विदेशी वैक्सीन को लोकल ट्रायल में छूट, मॉडर्ना-फाइजर के भारत आने का रास्ता आसान

भारत सरकार के इस कदम से मॉडर्ना और फाइजर जैसी विदेशी वैक्सीन के भारत आने का रास्ता साफ हो गया है. फाइजर वैक्सीन के जुलाई तक भारत आने की उम्मीद जताई जा रही है.

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जुलाई तक आ सकती है फाइजर की वैक्सीन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
जुलाई तक आ सकती है फाइजर की वैक्सीन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भारत सरकार ने वैक्सीन से जुड़े नियमों में किया बदलाव
  • जुलाई से अक्टूबर के बीच आ सकती है फाइजर की वैक्सीन

कोरोना वायरस की दूसरी लहर कोहराम मचा रही है. नए केस की तादाद थोड़ी नियंत्रित होती दिख रही है लेकिन मौतों का आंकड़ा अब भी करीब चार हजार के आसपास बना हुआ है. ब्लैक फंगस ने भी मुसीबतें बढ़ा दी हैं. ऐसे में वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने की मांग भी जोर पकड़ रही थी. इस बीच अब सरकार ने वैक्सीनेशन की गति बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला किया है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक सरकार ने अब कोरोना वैक्सीन के लोकल ट्रायल की अनिवार्यता हटा दी है. सरकार ने नियमों में जरूरी बदलाव करने का ऐलान किया है जिससे कोरोना वैक्सीन के भारत में इस्तेमाल के लिए लोकल ट्रायल जरूरी था. भारत सरकार के इस कदम से मॉडर्ना और फाइजर जैसी विदेशी वैक्सीन के भारत आने का रास्ता साफ हो गया है. फाइजर वैक्सीन के जुलाई तक भारत आने की उम्मीद जताई जा रही है. 

भारत सरकार की ओर से बयान जारी कर इसकी जानकारी दी गई है. सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने के लिए दुनिया की अच्छी वैक्सीन का भारत में इस्तेमाल किया जाएगा. गौरतलब है कि दुनिया में दूसरी सबसे अधिक आबादी वाले देश में मई महीने में कोरोना महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक एक महीने में सबसे अधिक मौत के सबसे अधिक आंकड़े रिकॉर्ड किए गए.

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देश में 1.3 अरब की कुल आबादी में से महज 3 फीसदी आबादी को ही अब तक वैक्सीन की दोनों डोज दी जा सकी है. यह सर्वाधिक कोरोना केस वाले 10 देशों में सबसे कम है. भारत ने पिछले महीने वैक्सीन के फास्ट ट्रैक आयात की बात कही थी. फाइजर के साथ वैक्सीन को लेकर चर्चा के दौरान लोकल ट्रायल की अनिवार्यता जैसे नियमों के कारण भी बाधाएं आने की बात उठी थी.

सरकार की ओर से विनोद कुमार पाल ने कहा कि ट्रायल से संबंधित नियम में बदलाव कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि हम फाइजर के साथ वैक्सीन को लेकर चर्चा कर रहे हैं. विनोद कुमार पाल ने कहा कि सरकार, कंपनी की ओर से अपनी वैक्सीन के भारत में उपयोग के लिए किए गए लीगल प्रोटेक्शन के अनुरोध पर भी विचार कर रही है. क्षतिपूर्ति से जुड़े अनुरोध पर भी हम जनहित का ध्यान रखते हुए विचार कर रहे हैं.

भारत सरकार की ओर से विदेशी वैक्सीन के उपयोग के लिए लोकल ट्रायल से जुड़े नियम में बदलाव को विदेशी वैक्सीन निर्माताओं के भारत में प्रवेश की राह आसान करने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है. फाइजर जुलाई से लेकर अक्टूबर महीने तक अपनी वैक्सीन की पांच करोड़ डोज देने को तैयार है. वहीं, मॉडर्ना भी अपनी सिंगल डोज वैक्सीन अगले साल तक भारत में लॉन्च कर सकती है.

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