scorecardresearch
 

Corona: हॉस्पिटलाइज हो रहे 90% मरीजों ने नहीं लगवाई बूस्टर डोज, दिल्ली में डराने वाला आंकड़ा

दिल्ली में कोरोना की बढ़ती संक्रमण दर ने लोगों को डराना शुरू कर दिया. राजधानी में अब पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 19.20% हो गया. मंगलवार को दिल्ली में कोरोना के 917 नए केस मिले. एक्टिव केस 6867 हो गए हैं. इसी बीच सरकार ने बताया कि दिल्ली में बूस्टर डोज लेने वाले सिर्फ 10% लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं.

X
फाइल फोटो फाइल फोटो

दिल्ली में कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं. इसी बीच अस्पताल में भर्ती हो रहे मरीजों को लेकर नया खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि अस्पताल में कोरोना के जो मरीज भर्ती हो रहे हैं, उनमें से 90% ने कोरोना वैक्सीन की सिर्फ दो डोज ली हैं. वहीं, सिर्फ 10 फीसद मरीज ही वैक्सीन की बूस्टर डोज के बाद कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं. 

कोरोना के आंकड़ों की बात करें, तो देश में पिछले 24 घंटे में 9,062 केस मिले हैं. वहीं, 15,220 लोग ठीक हुए हैं. एक्टिव केस कम होकर 1,05,058 रह गए हैं. डेली पॉजिटिविटी रेट भी 2.49% रह गया है. जहां देश में डेली पॉजिटिविटी रेट घटा है, वहीं, दिल्ली में यह बढ़कर 20% के करीब पहुंच गया है. 

दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 917 केस मिले हैं. यहां 4775 लोगों का टेस्ट किया गया था. राजधानी में 1566 मरीज ठीक हुए हैं. वहीं, 3 लोगों ने अपनी जान गंवाई है. यहां 5000 से ज्यादा मरीज होम आइसोलेशन में हैं. जबकि 563 लोग अस्पताल में भर्ती हैं. 
 
दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों की चिंता के बीच दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की.  इस दौरान बैठक में मौजूद मुख्य सचिव नरेश कुमार ने जिलाधिकारियों को मेट्रो स्टेशन, बाजार, मॉल, जैसी भीड़-भाड़ वाली जगहों पर लगाए जाने वाले वैक्सीनेशन कैंप की स्थिति जानने के लिए ग्राउंड पर जाने के निर्देश दिए हैं. 
 
डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने बताया कि सभी अस्पतालों को भी अलर्ट रहने को कहा गया है. हालांकि, अब लोगों में लापरवाही देखने को भी मिल रही है और ये देखा गया है कि बहुत से लोग बूस्टर डोज नहीं ले रहे है. लेकिन अस्पतालों में भर्ती होने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या से पता चला है कि तीसरी डोज लगाने वाले लोग कोरोना के संक्रमण से ज्यादा सुरक्षित हैं. 

सरकार के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती होने वाले 90% कोरोना संक्रमित मरीज ऐसे हैं, जिन्होंने वैक्सीने की सिर्फ दो डोज ली हैं. वहीं, 10% मरीज ही वैक्सीन की तीसरी डोज के बाद कोरोना संक्रमित हुए. इससे ये बात साफ है कि बूस्टर डोज लगने के बाद सुरक्षा और बढ़ जाती है. 

मनीष सिसोदिया ने लोगों से कहा कि इलाज से बेहतर रोकथाम है. जिन लोगों ने अभी तक वैक्सीन नहीं ली है या सिर्फ पहली या दूसरी डोज ही ली है, उन सभी को जल्द से जल्द अपने नजदीकी स्वास्थ्य सुविधा केंद्र में जाकर वैक्सीन लगवाना चाहिए. कोरोना के प्रसार को रोकने के प्रीकॉशनरी डोज लगाना जरूरी है. घर से बाहर निकलते वक्त मास्क पहनकर निकलें, इससे ज़्यादातर मामलों को रोका जा सकता है.

 

  • क्या दिल्ली में कोरोना के हालात को देखते हुए सख्त पाबंदियां लगनी चाहिए?

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें