scorecardresearch
 

60+ की है उम्र तो बिना किसी 'पर्ची' के लग सकेगी बूस्टर डोज, स्वास्थ्य मंत्रालय का फैसला

आज स्वास्थ्य सचिव की तरफ से सभी राज्यों संग एक अहम बैठक की गई थी. बैठक के दौरान बूस्टर डोज पर मंथन हुआ और कई तरह के सवाल-जवाब देखने को मिले. उसी बैठक में ये तय हुआ कि जो भी लोग 60 साल से ज्यादा उम्र के हैं, और उन्हें comorbidities हैं, उन्हें वैक्सीन लगवाने से पहले कोई पर्ची नहीं दिखानी होगी.

Advertisement
X
बूस्टर डोज को लेकर बड़ी डेवलपमेंट ( AP फोटो)
बूस्टर डोज को लेकर बड़ी डेवलपमेंट ( AP फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 60+ वालों को बिना किसी पर्ची के लगेगी बूस्टर डोज
  • सरकार ने फिजिशियन से राय लेने पर दिया जोर

ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बूस्टर डोज को हरी झंडी दिखा दी. उनकी तरफ से हेल्थ वर्कर्स और 60 से ज्यादा उम्र वाले जिन्हें comorbidities है, उन्हें प्री कॉशन डोज देने की बात कही गई. अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये भी स्पष्ट कर दिया है कि 60+ वाले इस वर्ग को वैक्सीन लगवाने के लिए किसी डॉक्टर की पर्ची या प्रिस्क्रिप्शन की जरूरत नहीं पड़ेगी.

बूस्टर डोज पर बड़ी डेवलपमेंट

आज स्वास्थ्य सचिव की तरफ से सभी राज्यों संग एक अहम बैठक की गई थी. बैठक के दौरान बूस्टर डोज पर मंथन हुआ और कई तरह के सवाल-जवाब देखने को मिले. उसी बैठक में ये तय हुआ कि जो भी लोग 60 साल से ज्यादा उम्र के हैं, और उन्हें comorbidities हैं, उन्हें वैक्सीन लगवाने से पहले कोई पर्ची नहीं दिखानी होगी. इतना जरूर कहा गया है कि तीसरी डोज लगवाने से पहले किसी फिजिशियन से राय ली जा सकती है.

वैसे बूस्टर डोज के अलावा अब देश में बच्चों को भी वैक्सीन लगनी शुरू हो जाएगी. तीन जनवरी से 15 साल से ऊपर के बच्चों को कोवैक्सीन दी जाएगी. इसके अलावा आज सरकार की तरफ से दो और वैक्सीन को इमरजेंसी यूज की मंजूरी मिल गई है. इस लिस्ट में सीरम की कोवोवैक्स और बायोलॉजिकल ई कम्पनी की कोर्बेवैक्स शामिल है. इसके साथ-साथ मोलनुपिराविर दवा को भी इमरजेंसी अप्रूवल मिल गया है. लेकिन इस दवा का इस्तेमाल सिर्फ तभी किया जाएगा जब किसी मरीज को कोरोना की वजह से काफी ज्यादा खतरा रहे.

Advertisement

देश का कोरोना मीटर

देश के कोरोना मीटर की बात करें तो पिछले 24 घंटे में 6 हजार 358 नए मामले सामने आए हैं. ये आंकड़ा रविवार की तुलना में 2.6 फीसदी कम है. बीते दिन 293 मरीजों की भी मौत हुई. सबसे ज्यादा 1,636 मामले और सबसे ज्यादा 236 मौतें केरल में ही हुईं. इसके अलावा ओमिक्रॉन का खतरा भी बढ़ता जा रहा है. अब संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 650 पार चला गया है. सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य दिल्ली और महाराष्ट्र हैं.

Advertisement
Advertisement