गुवाहाटी हाई कोर्ट
गुवाहाटी हाई कोर्ट (Gauhati High Court) असम राज्य का उच्च न्यायालय है. यह असम के गुवाहाटी शहर में स्थित है (Gauhati High Court Principal Bench). राज्यों के मामले में इसका सबसे बड़ा अधिकार क्षेत्र है, जिसके अधिकार क्षेत्र में असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, और मिजोरम राज्य आते हैं (Gauhati High Court Jurisdiction). कोहिमा, आइजोल और ईटानगर में इस अदालत की बेंच स्थित हैं (Gauhati High Court Benches). मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा को अपना उच्च न्यायालय मिलने के बाद, गुवाहाटी हाई कोर्ट का इन तीन राज्यों पर अधिकार क्षेत्र समाप्त हो गया (Gauhati High Court Former Benches).
इसे 1 मार्च 1948 को भारत सरकार अधिनियम 1935 के तहत भारत के तत्कालीन गवर्नर जनरल ने स्थापित किया था किया था. इसका उद्घाटन 5 अप्रैल 1948 को भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एच जे कानिया ने किया था. सर आर.एफ. लॉज ने उसी दिन असम उच्च न्यायालय के पहले मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी. असम उच्च न्यायालय की शुरुआत में शिलांग में बैठक हुई थी, लेकिन 14 अगस्त 1948 को गुवाहाटी में स्थानांतरित कर दिया गया. पहले इसे मूल रूप से असम और नागालैंड के उच्च न्यायालय के रूप में जाना जाता था, लेकिन 1971 में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 के तहत इसका नाम बदलकर गुवाहाटी उच्च न्यायालय कर दिया गया (Gauhati High Court History).
न्यायालय के पास अपीलीय के अलावा मूल क्षेत्राधिकार है. इस न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णयों की अपील केवल भारत के सर्वोच्च न्यायालय में की जा सकती है. गुवाहाटी हाई कोर्ट में 24 न्यायाधीशों की क्षमता है, जिनमें से 18 स्थायी और 6 अतिरिक्त जज हो सकते हैं (Gauhati High Court Sanctioned Strength).
बुधवार को पुलिस ने पवन खेड़ा से 10 घंटे से ज्यादा वक्त तक पूछताछ की थी. कांग्रेस लीडर ने पूछताछ के लिए जाने से पहले पत्रकारों से कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा अब अग्रिम जमानत के लिए एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख करने जा रहे हैं. गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत की याचिका 24 अप्रैल को खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने इस फैसले को चुनौती देने का फैसला लिया है.
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है. इसके साथ ही उनकी गिरफ्तारी की आशंका भी बढ़ गई है. असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़े मामले में खेड़ा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
गुवाहाटी हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है. पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए थे.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा कथित तौर पर नफरती भाषण देने के खिलाफ दायर याचिका पर गुवाहाटी हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है. कोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस द्वारा अब तक जवाब दाखिल न करने पर सवाल उठाए.
असम में मॉब लिंचिंग के एक केस में बड़ा फैसला आया है. बच्चा चोर होने के शक में दो युवकों की पीट-पीटकर हत्या के मामले में अदालत ने 45 आरोपियों में से 20 को दोषी ठहराया है, जबकि 25 को बरी कर दिया गया. इस फैसले से पीड़ित परिवार ने असंतोष जताया है.
असम मेडिकल कॉलेज, डिब्रूगढ़ ने पिछली साल नीट के एक छात्र का एडमिशन लिस्ट से नाम काट दिया है. छात्र ने हार्ईकोर्ट में याचिका दायर की जिसके बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि छात्र को एक लाख का मुआवजा और एकेडमिक सेशन 2024-25 में एमबीबीएम में एडमिशन दिया जाए.