राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा असम के शिवसागर में है. इस बीच असम यूथ कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष अंकिता दत्ता धरने पर बैठी हैं और वो राहुल गांधी से न्याय मांग रही हैं. अंकिता ने यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, जिसके बाद पार्टी ने अंकिता को निकाल दिया था.
राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की रैली से 7 किलोमीटर दूर असम की पूर्व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष अंकिता दत्ता धरने पर हैं. अंकिता का कहना है कि पार्टी ने पहले हमारी नहीं सुनी, लेकिन अब राहुल गांधी असम में हैं तो कम से कम एक बेटी की बात उन्हें सुननी चाहिए. उनका कहना है कि मैं बीते 10 महीने से वनवास में हूं, लेकिन कांग्रेस पार्टी मेरी बात नहीं सुन रही है.
वहीं अंकिता के आरोपों पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जवाब दिया है. जयराम ने कहा, जब अंकिता ने आरोप लगाया तो मैंने उससे मुलाकात की थी. उस समय वह मेरे घर भी आई थी और मैंने उनसे आरोप के संबंध में बात करने की कोशिश भी की थी.
जयराम रमेश ने सीएम हिमंता को बताया- नारद मुनि
जयराम रमेश ने कहा, "वास्तविकता यह है कि इसे हल किया जा सकता था. मैं उसे न्याय देने की कोशिश कर रहा था. यह सच है कि असम के युवा अध्यक्ष और राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष दोनों नेता भावुक हैं. मैंने दोनों नेताओं से बात की. मैं उसे न्याय देने का प्रयास कर रहा था, इतने में 'नारद मुनि' आ गए. आप जानते हैं कि 'नारद मुनि' कौन हैं? गुवाहाटी में बीजेपी के वायसराय की कुर्सी पर बैठे असम के सीएम!"
कांग्रेस नेता ने कहा, "अब मामला कोर्ट में विचाराधीन है. एसआईटी का गठन कर दिया गया है. मामला SC के अधीन है. पूछताछ ख़त्म हो गई है. जो भी आवश्यक होगा कार्रवाई की जाएगी, लेकिन असम के सीएम ने पूरे मामले को कमजोर कर दिया. वह असम के सीएम का हथियार बन गई हैं."
असम कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेन बोरा ने कहा कि जिस दिन अंकिता ने आरोप लगाया, मैंने उन्हें शाम को फोन किया. मैंने उन्हें दिल्ली में आलाकमान तक पहुंचाने और उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया. शुरुआत में वह मान गईं और मीडिया से कहा कि मुझे पार्टी अध्यक्ष पर पूरा भरोसा है. लेकिन अचानक अगली सुबह पुलिस में मामला दर्ज करा दिया. वह असम के लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही हैं."