सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने दक्षिण-पश्चिमी कमान में विचारों में मतभेद को लेकर एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति की है. यह कार्रवाई तब की गई, जब दक्षिण-पश्चिमी कमांड के सेना कमांडर के साथ ही चीफ ऑफ स्टाफ के जरिए कमांड मुख्यालय में कुछ कार्यात्मक कठिनाइयों को उजागर किया गया.
थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवाना ने सेना के कमांडर, दक्षिण-पश्चिमी कमान और उनके चीफ ऑफ स्टाफ की कमान मुख्यालय के भीतर विभिन्न नियुक्तियों की भूमिका, चार्टर और ड्यूटी के बीच मतभेदों को देखने के लिए एक वरिष्ठ लेफ्टिनेंट जनरल की नियुक्ति की है.
बता दें कि दक्षिण-पश्चिमी सेना कमांड का मुख्यालय राजस्थान के जयपुर में स्थित है. इसके जरिए राजस्थान से पंजाब के कुछ हिस्सों तक की पाकिस्तान सीमा की देखरेख की जाती है. वहीं अब मतभेदों का पता लगाने के लिए वरीष्ठ लेफ्टिनेंट जनरल की नियुक्ति की गई है. जिन्हें मुख्यालय की कार्यप्रणाली को कारगर बनाने के लिए उपायों को बताते हुए रिपोर्ट सौंपनी होगी.
लद्दाख का किया था दौरा
वहीं लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर तनावपूर्ण हालात हैं और भारत-चीन की सेनाएं आमने-सामने हैं. तनाव को देखते हुए भारतीय सेना के प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने पिछले दिनों लद्दाख का दो दिवसीय दौरा किया था. इस दौरान सेना प्रमुख ने सभी तैयारियों की समीक्षा की.
इस दौरान सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कहा था कि अभी जो एलएसी पर स्थिति है वो नाजुक और गंभीर है, लेकिन हम लगातार इसके बारे में सोच विचार कर रहे हैं. हमारी सुरक्षा के लिए हमने कुछ एहतियाती कदम उठाए हैं. मुझे उम्मीद है कि हमने जो तैनाती की है उससे हम अपनी सुरक्षा कायम रखेंगे.