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Census 2027: 82 लाख परिवारों ने खुद भरी अपनी जानकारी, 6 राज्यों में डोर-टू-डोर सर्वे शुरू

देश की पहली डिजिटल जनगणना 2027 का आगाज हो चुका है. इस बार 82 लाख परिवारों ने खुद ऑनलाइन अपनी जानकारी भरी है. अब कर्मचारी घर-घर जाकर डेटा जुटाने के लिए फील्ड में उतर गए हैं, जहां वे हर परिवार से 33 सवाल पूछेंगे.

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मोबाइल ऐप से होगा डेटा कलेक्शन, इस बार सब कुछ डिजिटल (File Photo)
मोबाइल ऐप से होगा डेटा कलेक्शन, इस बार सब कुछ डिजिटल (File Photo)

जनगणना 2027 इस बार थोड़ी अलग है और इसकी शुरुआत भी नए अंदाज में हुई है. सरकार ने पहली बार लोगों को खुद अपनी जानकारी भरने का विकल्प दिया और इसका अच्छा असर भी दिखा. अब तक करीब 82 लाख परिवारों ने सेल्फ एन्यूमरेशन यानी खुद से अपनी डिटेल भरने का तरीका चुना है. यही वजह है कि यह जनगणना शुरुआत से ही चर्चा में है.

अब इस प्रक्रिया का अगला चरण भी शुरू हो चुका है. 15 दिन की ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन विंडो पूरी होने के बाद अब फील्ड सर्वे शुरू कर दिया गया है. आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में शुक्रवार से ही कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी जुटाने में लग गए हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यह सर्वे 30 मई 2026 तक चलेगा. इस दौरान प्रशिक्षित एन्यूमरेटर हर घर पर जाएंगे और लोगों से सीधे सवाल पूछकर जानकारी इकट्ठा करेंगे. इस पूरी प्रक्रिया को इस बार डिजिटल तरीके से भी जोड़ा गया है, जिससे काम को आसान और तेज बनाने की कोशिश की गई है.

अब घर-घर पहुंचेगी टीम, 33 सवालों से जुटेगा पूरा डेटा

जब एन्यूमरेटर घर-घर पहुंचेंगे, तो वे हर परिवार से करीब 33 सवाल पूछेंगे. इनमें घर की सुविधाओं से लेकर परिवार के सदस्यों की जानकारी तक शामिल होगी. जैसे घर का मालिक कौन है, परिवार में कितने लोग हैं, उनके नाम और लिंग क्या हैं, इन सब चीजों की जानकारी दर्ज की जाएगी. रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली नगर निगम क्षेत्र, राजस्थान, महाराष्ट्र, मेघालय और झारखंड में भी अब सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा शुरू हो गई है. यहां लोग 15 मई तक ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकते हैं. इसके बाद 16 मई से एक महीने तक फील्ड सर्वे किया जाएगा. जबकि, बिहार में यह ऑनलाइन प्रक्रिया खत्म हो चुकी है और वहां 2 मई से घर-घर सर्वे शुरू हो जाएगा. वहीं तेलंगाना और पंजाब में तय शेड्यूल के अनुसार अभी सेल्फ एन्यूमरेशन जारी है.

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इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल बनाने की कोशिश की गई है. फील्ड में जाने वाले कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए ही डेटा जुटा रहे हैं, जो खास तौर पर इसी काम के लिए बनाया गया है. यह हाउस लिस्टिंग के चरण आगे होने वाली जनसंख्या गणना की तैयारी का हिस्सा है, जो अगले साल की जाएगी. अभी जो डेटा जुटाया जा रहा है, वही आगे की प्रक्रिया की नींव बनेगी.

कुल मिलाकर, इस बार जनगणना में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया गया है और लोगों को खुद अपनी जानकारी देने का मौका भी मिला है. यही वजह है कि शुरुआत में ही बड़ी संख्या में परिवार इस प्रक्रिया से जुड़ चुके हैं.
 

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