डूबे हुए घर, टूटे हुए पुल, पानी में लबालब गांव-गलियां और खेत खलिहान, पलायन को मजबूर लोग... ये हालात हैं पूर्वोत्तर राज्य असम के. इन दिनों असम बाढ़ से जूझ रहा है. आलम ये है कि सूबे के 8.4 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. शनिवार को एक आधिकारिक बुलेटिन में कहा गया है कि इस साल बाढ़, भूस्खलन, तूफान और बिजली गिरने से संबंधित घटनाओं में मरने वाले लोगों की कुल संख्या 107 हो गई है.
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की डेली फ्लड रिपोर्ट के अनुसार धेमाजी जिले के गोगामुख राजस्व क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत हो गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि बारपेटा, कछार, चिरांग, दरांग, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, गोलपारा, गोलाघाट, हैलाकांडी, जोरहाट, कामरूप, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, करीमगंज, माजुली, मोरीगांव, नागांव, नलबाड़ी, शिवसागर और दक्षिण सलमारा जिलों में 8,40,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं.
कछार में सबसे ज्यादा 1.5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, उसके बाद धुबरी (1.27 लाख) और नागांव में 88,500 लोग प्रभावित हैं. शुक्रवार तक राज्य के 23 जिलों में बाढ़ से 12.33 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए थे. प्रशासन 13 जिलों में 221 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र चला रहा है, जहां वर्तमान में 72,046 विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं.
ASDMA ने कहा कि 1,705 गांव जलमग्न हैं और असम में 39,898.92 हेक्टेयर फसल भूमि को नुकसान पहुंचा है. बारपेटा, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, गोलपारा, कोकराझार, बोंगाईगांव, कछार, चराईदेव, गोलाघाट, मोरीगांव, नगांव और शिवसागर में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है. ब्रह्मपुत्र नदी निमाटीघाट, तेजपुर और धुबरी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इसकी सहायक नदियां बुरहिडीहिंग और दिसांग क्रमशः चेनीमारी और नांगलमुराघाट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. ASDMA ने कहा कि बराक नदी की सहायक नदी कुशियारा भी करीमगंज शहर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.