आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से खाने-पीने के खर्च में कटौती करने, घूमने-फिरने और विदेश यात्राएं कम करने, साथ ही सोना और अन्य कीमती चीजें खरीदने से बचने की अपील की है.
केजरीवाल ने सवाल उठाया कि क्या यह आर्थिक इमरजेंसी के संकेत हैं, क्या देश गंभीर आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है? उन्होंने कहा कि इस तरह की अपील पहले कभी नहीं की गई. प्रधानमंत्री को देश के सामने आर्थिक स्थिति की सच्चाई रखनी चाहिए.
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिकंदराबाद (तेलंगाना) में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मिडिल ईस्ट में जारी जंग के असर पर चिंता जताई. इस दौरान उन्होंने यूक्रेन युद्ध का भी जिक्र किया और कहा कि वैश्विक संघर्षों का भारत पर भी गंभीर असर पड़ रहा है.
प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि घर में कोई भी बड़ा कार्यक्रम हो, एक साल तक सोना खरीदने से बचें. पीएम मोदी ने कहा कि सरकार पिछले 5-6 सालों से संकटों से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. वहीं इस पर अरविंद केजरीवाल ने प्रतिक्रया देते हुए कहा कि यह आर्थिक इमरजेंसी की आहट है.
पेपर लीक पर बोले केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक को लेकर भी कई बातें कहीं. केजरीवाल ने बताया कि हर साल 7 करोड़ युवा इंजीनियरिंग, मेडिकल कॉलेजों में दाखिले और सरकारी नौकरियों के लिए परीक्षाएं देते हैं, लेकिन राजनीतिक संरक्षण में चल रहे पेपर लीक गिरोह इन युवाओं का भरोसा और हौसला तोड़ रहे हैं.
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि पेपर लीक में शामिल माफ़िया और उन्हें संरक्षण देने वाले नेता देश के दुश्मन हैं. ये लोग देश की नींव को खोखला कर रहे हैं. सरकारें इस अपराध की साझेदार बन चुकी हैं. इसके खिलाफ युवाओं को देशभर में एक निर्णायक लड़ाई छेड़नी होगी.