नीट पेपर लीक का मुद्दा पूरे देश में गर्माया हुआ है. एक तरफ इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है तो वहीं दूसरी तरफ सीबीआई ने इस मामले में महाराष्ट्र के लातूर से एक शख्स को गिरफ्तार किया है.
सीबीआई ने जिस शख्स को अरेस्ट किया है, उसका नाम नंजुंधप्पा जी है. वह कथित तौर पर प्रश्नपत्र देने के बदले छात्रों से पैसे लेकर धोखाधड़ी कर रहा था. आरोप है कि नंजुंधप्पा ने NEET एग्जाम में पास करवाने के लिए कई स्टूडेंट से पैसे लिए थे.
सुनवाई कर रही पीठ में CJI भी शामिल
बता दें कि इस मामले को लेकर सप्रीम कोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही है. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में नीट पेपर लीक, री-एग्जाम और परीक्षा से जुड़ी अन्य अनियमितताओं पर सुनवाई हुई. इस पीठ का नेतृत्व भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और दो अन्य न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा कर रहे थे.
11 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
सुनवाई के दौरान सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने नीट परीक्षा और पेपर लीक के कई तथ्यों पर बात की है और कहा है कि याचिकाकर्ता की ओर से पेश सभी वकील इस बात पर अपनी दलीलें पेश करेंगे कि दोबारा परीक्षा क्यों होनी चाहिए और केंद्र तारीखों की पूरी सूची भी देगा. इस मामले में अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी.
क्या था पूरा मामला?
चार जून को नीट यूजी परीक्षा का परिणाम सामने आने के बाद से ही अभ्यर्थियों में खलबली मची हुई है. रिजल्ट देखने के बाद 67 टॉपर्स और एक ही सेंटर से 8 टॉपर का नाम लिस्ट में देखने के बाद छात्रों को परीक्षा में धांधली का संदेह था. इसके बाद छात्रों ने सड़कों से लेकर सोशल मीडिया पर एनटीए के खिलाफ जांच की मांग उठाई.
67 से घटकर 61 रह गए टॉपर
सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गईं और इस बीच कोर्ट के सामने एनटीए ने फैसला लिया कि वह ग्रेस मार्क्स वाले कैंडिडेट्स का दोबारा एग्जाम करवाएंगे. 23 जून को परीक्षा हुई और टॉपर 67 से घटकर 61 हो गए.