अनंत अंबानी के लिए साल 2025 कई मायनों में खास रहा. यह साल उनके जीवन में आस्था, सेवा और नेतृत्व के मजबूत उदाहरण के रूप में सामने आया. बीते एक साल में अनंत अंबानी की भूमिका केवल कारोबारी जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने आध्यात्मिकता, सामाजिक सेवा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई.
रिलायंस इंडस्ट्रीज में बड़ी जिम्मेदारी
साल की शुरुआत अनंत अंबानी ने एक विशेष आध्यात्मिक यात्रा से की. उन्होंने जामनगर से द्वारका तक करीब 140 किलोमीटर की पदयात्रा की. यह यात्रा केवल शारीरिक चुनौती नहीं थी, बल्कि आस्था, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक भी रही. इस दौरान उन्होंने आम श्रद्धालुओं की तरह मंदिरों में दर्शन किए और लोगों से सीधे संवाद किया. इस पदयात्रा ने यह दिखाया कि उनके लिए आस्था केवल निजी मामला नहीं, बल्कि जीवन का अहम हिस्सा है.
साल 2025 में अनंत अंबानी को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर की जिम्मेदारी भी सौंपी गई. यह उनके नेतृत्व सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना गया. इस भूमिका में वे कंपनी के भविष्य की दिशा तय करने में शामिल हुए और युवा नेतृत्व के लिए एक उदाहरण के तौर पर उभरे. यह जिम्मेदारी संगठन के भीतर उन पर बढ़ते भरोसे को भी दर्शाती है.
महाकुंभ में तीर्थयात्रियों के लिए सेवा अभियान
इसी साल महाकुंभ के दौरान अनंत अंबानी से जुड़ी एक बड़ी सेवा पहल भी सामने आई. लाखों तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं में सहयोग किया गया. इस सेवा अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी तीर्थयात्रा पूरी कर सकें. यह पहल आस्था के साथ सेवा की भावना को भी दर्शाती है.
वनतारा को राष्ट्रीय पहचान
साल 2025 में वनतारा को राष्ट्रीय स्तर पर खास पहचान मिली. प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन के बाद यह पहल वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी. वनतारा के जरिए घायल और संकटग्रस्त जानवरों के इलाज, संरक्षण और पुनर्वास का काम बड़े पैमाने पर किया जा रहा है.
अंतरराष्ट्रीय हस्तियों की वनतारा यात्रा
इस दौरान कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने भी वनतारा का दौरा किया. उन्होंने देखा कि भारत किस तरह आधुनिक तकनीक और मानवीय दृष्टिकोण के साथ वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहा है. इन दौरों से भारत की पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी कोशिशों को वैश्विक मंच पर पहचान मिली.
भक्ति, सेवा और उद्देश्य का संगम
कुल मिलाकर, साल 2025 अनंत अंबानी के लिए केवल उपलब्धियों का साल नहीं रहा, बल्कि यह उनके मूल्यों और सोच को भी दर्शाता है. आस्था, सेवा, कॉर्पोरेट जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण के मेल ने इस साल को उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय बना दिया.