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'देश में घट रही मुसलमानों की आबादी...,' मोहन भागवत के बयान पर ओवैसी का पलटवार

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने जनसंख्या नियंत्रण पर RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि मुसलमानों की जनसंख्या कम हो रही है. साथ ही कहा कि साल 2000 से 2019 तक 90 लाख हिंदू बच्चियां कन्या भ्रूण हत्या (female foeticide) का शिकार हुई हैं. इस बयान के बाद बीजेपी ने ओवैसी पर निशाना साधा है.

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AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी (फोटो-PTI)
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी (फोटो-PTI)

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने जनसंख्या नियंत्रण पर RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि मुसलमानों की जनसंख्या कम हो रही है. साथ ही कहा कि साल 2000 से 2019 तक 90 लाख हिंदू बच्चियां कन्या भ्रूण हत्या (female foeticide) का शिकार हुई हैं. मोहन भागवत मुस्लिम आबादी को लेकर तो बोलते हैं, लेकिन कन्या भ्रूण हत्या पर क्यों नहीं बोलते?

ओवैसी ने कहा कि हाल ही में मोहन भागवत ने कहा था कि भारत में रिलीजियस इंबेलेंस हो रहा है. लेकिन भारत में सबसे ज्यादा TFR (Total Fertility Rate) मुसलमानों का गिर रहा है.

ओवैसी ने कहा कि देश में कुल प्रजनन दर घटकर 2% रह गई है. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के 5वें रिकॉर्ड के अनुसार, मुसलमानों की कुल प्रजनन दर में सबसे अधिक गिरावट आई है. ओवैसी ने कहा साल 2020 में मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा है कि परिवार नियोजन की मजबूरी नहीं हो सकती और न ही हम चाहते हैं, लेकिन मोहन भागवत का कहना है कि जनसंख्या बढ़ रही है.   

बीजेपी ने ओवैसी पर साधा निशाना


AMIMI चीफ ओवैसी के इस बयान के बाद बीजेपी ने उन पर निशाना साधा है. भाजपा प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी 'ब्यान पुरुष' बन गए हैं, वह विवाद खड़ा करना चाहते हैं. कम जनसंख्या समाज के लिए हितकर है. जितनी अधिक जनसंख्या बढ़ती है, उतनी ही बड़ी समस्या उत्पन्न होती है. इसे ध्यान में रखा जाना चाहिए.

वहीं हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि भारत में मुसलमानों की आबादी घट रही है. अगर ऐसा है तो यह बहुत अच्छी बात है. इसे और गिराएं और 'हम दो हमारे दो' पर लाएं.


क्या कहा था मोहन भागवत ने?


संघ प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में हुए संघ के विजयादशमी उत्सव कार्यक्रम में कहा था कि हमने पचास साल पहले जनसंख्या असंतुलन के गंभीर परिणाम भुगते हैं और आज के समय में भी ऐसा हो रहा है. एक व्यापक जनसंख्या नीति की पैरवी करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि जनसंख्या की एक समग्र नीति बने और वो सब पर समान नीति से लागू हो, फिर किसी को छूट न मिले और समाज इसको स्वीकार करे. क्योंकि जनसंख्या नीति बन भी जाए और समाज उसे स्वीकार न करे तो ऐसी स्थिति में जनसंख्या नीति भी क्या कर पाएगाी.

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