तमिलनाडु की सियासत में AIADMK के भीतर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है. एक तरफ सीवी षडमुगम गुट ने एक बार फिर विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर EPS यानी एडप्पादी के. पलानीस्वामी गुट के विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग उठाई, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के भीतर विरोध-प्रदर्शन और आरोपों का दौर तेज हो गया है.
सूत्रों के मुताबिक, सीवी षडमुगम गुट ने स्पीकर से मुलाकात के दौरान विधानसभा के भीतर दोनों गुटों के विधायकों की बैठने की व्यवस्था पर भी चर्चा की. इसे AIADMK में बढ़ती अंदरूनी लड़ाई का बड़ा संकेत माना जा रहा है.
इसी बीच DMDK नेता प्रेमलता विजयकांत ने भी मुख्यमंत्री विजय और TVK पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि TVK को यह स्पष्ट करना चाहिए कि AIADMK से टूटकर आए विधायक बिना किसी शर्त के समर्थन दे रहे हैं या इसके पीछे ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ हुई है.
प्रेमलता ने कहा कि जब दूसरे दलों ने खुलकर बिना शर्त समर्थन दिया है, तब TVK को भी साफ-साफ बताना चाहिए कि AIADMK के बागी विधायकों के साथ क्या समझौता हुआ है.
उन्होंने एक बार फिर उस रहस्यमयी मुलाकात का मुद्दा उठाया जिसमें कथित तौर पर कुछ लोग चेहरा छिपाकर कार में विजय के पनैयूर ऑफिस पहुंचे थे. प्रेमलता ने पूछा कि आखिर वे लोग कौन थे और उनसे क्या बातचीत हुई. उधर तिरुनेलवेली (नेल्लई) में EPS समर्थकों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया.
पलायमकोट्टई मार्केट और गांधी मार्केट इलाके में एडप्पादी पलानीस्वामी गुट के कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्रियों सीवी शन्मुगम, एसपी वेलुमणि और विजयभास्कर की तस्वीरों पर चप्पल और झाड़ू से प्रहार किया. इतना ही नहीं, तस्वीरों पर गोबर भी पोता गया.
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर सीवी षडमुगम गुट का कोई नेता नेल्लई आया तो उसका जोरदार विरोध किया जाएगा. तमिलनाडु में सरकार गठन के बाद अब AIADMK के भीतर की लड़ाई लगातार और उग्र होती दिखाई दे रही है.