विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि एआई इम्पैक्ट समिट की दिल्ली घोषणा (Delhi Declaration) को 85 से अधिक देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने अपनाया है. मंत्रालय के बयान के अनुसार इंडिया एआई समिट के 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' मंत्र से प्रेरित इस घोषणा में भाग लेने वाले देशों ने इसके सात चक्र (स्तंभ) पर ध्यान केंद्रित करने का संकल्प लिया है.
बयान में कहा गया कि एआई के बढ़ते उपयोग को देखते हुए देशों के बीच ज्यादा सहयोग और सभी पक्षों की भागीदारी जरूरी है. एआई इम्पैक्ट समिट के सात प्रमुख स्तंभ मानव संसाधन विकास, सामाजिक सशक्तिकरण के लिए एआई तक पहुंच बढ़ाना, एआई प्रणालियों को भरोसेमंद बनाना, ऊर्जा की बचत, विज्ञान में एआई का उपयोग, एआई संसाधनों को सभी के लिए सुलभ बनाना और आर्थिक विकास व सामाजिक भलाई के लिए एआई का इस्तेमाल शामिल हैं.
88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने किए साइन
इसमें यह भी कहा गया कि मौजूदा वैश्विक पहलों के साथ मिलकर देश साझा समझ विकसित करेंगे और राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करते हुए एआई को मानवता के हित में उपयोग करने की दिशा में काम करेंगे. केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर बताया कि 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने एआई इम्पैक्ट समिट घोषणा पर साइन किए हैं. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मानव-केंद्रित एआई विजन का समर्थन किया है और यह घोषणा वैश्विक स्तर पर एआई संसाधनों को लोकतांत्रिक बनाने के उद्देश्य से प्रेरित है.
एआई इम्पैक्ट समिट की घोषणा में क्या-क्या
घोषणा में कहा गया है कि एआई संसाधनों को सुलभ और किफायती बनाकर सभी देशों को नागरिकों के लाभ के लिए इसका विकास और उपयोग करने का अवसर मिलेगा. एआई और उससे जुड़े ऐप्स का बड़े स्तर पर उपयोग कर आर्थिक और सामाजिक विकास को आगे बढ़ाना.
आई सिस्टम को सुरक्षित बनाना, उद्योग के स्वैच्छिक उपाय अपनाना और ऐसी नीतियां बनाना जो इनोवेशन के साथ-साथ लोगों के हितों की रक्षा करें. रिसर्च और डेवलपमेंट जैसे अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग में एआई का इस्तेमाल कर ज्ञान और संसाधनों को साझा करना.
लोगों को ज्ञान, जानकारी, सेवाओं, अवसरों और सीमापार एआई समाधानों तक पहुंच देकर सामाजिक और आर्थिक भागीदारी बढ़ाना. एआई के दौर के लिए लोगों को तैयार करना, इसके लिए कौशल विकास, शिक्षा, प्रशिक्षण और एआई के प्रति जागरूकता बढ़ाना. सस्ते और सुलभ एआई सिस्टम पर जोर देकर एआई तक पहुंच बढ़ाना और स्थानीय इनोवेशन को तेज करना.