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कार्ति चिदंबरम ने राम मोहन नायडू को लिखा पत्र, अहमदाबाद प्लेन क्रैश मामले में नए फैक्ट्स सामने आने का किया दावा

कांग्रेस सांसद कार्ति पी चिदंबरम ने सोमवार को नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू को पत्र लिखकर दावा किया कि एयर इंडिया 171 विमान दुर्घटना मामले की प्रारंभिक जांच में नए महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं.

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कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम. (File Photo: ITG)
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम. (File Photo: ITG)

कांग्रेस सांसद कार्ति पी चिदंबरम ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू को एक पत्र लिखा. कांग्रेस नेता ने अपने पत्र में दावा किया कि अहमदाबाद प्लेन क्रैश मामले को लेकर शुरुआती जांच में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है. उन्होंने मामले की स्पष्टता और जवाबदेही की मांग की है. साथ ही कार्ति चिदंबरम ने बैंकिंग प्रणाली में सुधार के लिए वित्त मंत्री को भी पत्र लिखा है और एक संयुक्त संसदीय समिति गठित करने की मांग की है.

कार्ति चिदंबरम ने सोमवार को राम मोहन नायडू को लिखे पत्र को एक्स पर भी साझा किया है. पत्र में उन्होंने कहा कि एअर इंडिया 171 विमान दुर्घटना में 260 लोगों की जान चली गई और प्रारंभिक जांच के बाद नए महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं. उन्होंने आगे कहा कि वे अब इस मामले में स्पष्टता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं.

कांग्रेस सांसद ने पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जब इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है तो इसे वैकल्पिक नहीं माना जा सकता. उनकी ये टिप्पणी जांच में शामिल अधिकारियों से विस्तृत जानकारी देने और जिम्मेदारी निभाने की बढ़ती मांग के बीच आई है.

विमान हादसे में 260 लोगों की मौत

आपको बता दें कि बीते साल अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI171, जिसमें 242 लोग सवार थे. ये विमान अहमदाबाद से टेकऑफ के कुछ ही पलों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, विमान एयरपोर्ट के बाहरी इलाके में एक सरकारी अस्पताल के हॉस्टल पर गिर गया. जिससे मलबे का मैदान बन गया और तबाही का मंजर फैल गया. इस हादसे में यात्री और क्रू मेंबर समेत कम से कम 260 लोग मारे गए और कई लोग घायल हो गए.

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वित्त मंत्री को भी लिखा पत्र

विमान हादसे के अलावा कार्ति चिदंबरम ने बैंकिंग प्रणाली में सुधार के लिए वित्त मंत्री को भी पत्र लिखा है. उन्होंने एक नॉमिनी द्वारा अपने दिवंगत पिता के फंड को हासिल करने के लिए एचडीएफसी बैंक के साथ हुए संघर्ष का उदाहरण दिया. सांसद ने बैंकिंग प्रथाओं की समीक्षा करने और उन्हें ग्राहकों के लिए आसान बनाने के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) गठित करने की मांग की है. उनका मानना है कि बैंकों को अपने ग्राहकों के प्रति अधिक जवाबदेह और संवेदनशील होना चाहिए.

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