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Putin Modi meet: रूस के राजदूत ने बताया- क्यों जरूरी है मोदी और पुतिन की मुलाकात?

21st India-Russia Annual Summit: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज भारत आएंगे. इस दौरान वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे. इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर भी हस्ताक्षर होंगे.

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दोनों नेता आखिरी बार नवंबर 2019 में ब्राजीलिया में ब्रिक्स समिट में मिले थे. तस्वीर उसी वक्त की है. (फाइल फोटो-AP) दोनों नेता आखिरी बार नवंबर 2019 में ब्राजीलिया में ब्रिक्स समिट में मिले थे. तस्वीर उसी वक्त की है. (फाइल फोटो-AP)
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स्टोरी हाइलाइट्स
  • आज भारत पहुंचेंगे रूसी राष्ट्रपति पुतिन
  • 6-7 घंटे के दौरे में व्यस्त कार्यक्रम होगा
  • कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे

21st India-Russia Annual Summit: 21वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन आज होगा. इसमें शामिल होने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) आज भारत आएंगे. इस दौरान वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे. हालांकि, इस बैठक से पहले दो महत्वपूर्ण बैठक होगी. पहली बैठक रक्षा से जुड़े मसलों पर चर्चा के लिए होगी और दूसरी बैठक 2+2 डायलॉग होगा. 

आजतक से बात करते हुए भारत में रूसी राजदूत निकोले कुदाशेव (Nikolay Kudashev) ने कहा, 'ये यात्रा ऐतिहासिक होने जा रही है. क्योंकि 2019 के बाद पहली बार दोनों नेता फिजिकली मीटिंग करेंगे. रूसी राष्ट्रपति की भी ये उसके बाद पहली विदेश यात्रा है. इसलिए ये महत्व और भी बढ़ जाता है.'

उन्होंने कहा कि 'भारत और रूस के रिश्तों को मजबूत करने के लिए दोनों नेताओं के बीच फिजिकल मीटिंग होना बहुत जरूरी है. दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंध हैं और बिना फिजिकली मौजूद हुए संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा करना बुद्धिमानी नहीं है.'

रूसी राष्ट्रपति आज भारत पहुंचेंगे और 6-7 घंटे की छोटी सी यात्रा में उनका बेहद व्यस्त कार्यक्रम होगा. निकोले कुदाशेव ने बताया कि इस यात्रा में भारत और रूस के बीच कई अहम समझौतों पर भी हस्ताक्षर होंगे. 

किन क्षेत्रों से जुड़े समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर

- स्पेस एक्सप्लोरेशन

- कनेक्टिविटी

- साइंस और टेक्नोलॉजी

- कल्चर

- एजुकेशन

- पीपुल टू पीपुल कनेक्ट

- मिलिट्री और टेक्नीकल पार्टनरशिप

- 2+2 डायलॉग में क्याः रूसी राजदूत कुशादेव ने बताया कि 2+2 डायलॉग में दोनों देशों के रिश्तों के सभी पहलुओं पर चर्चा होगी. इसके साथ ही वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी. अफगानिस्तान और आतंकवाद समेत दूसरे क्षेत्रीय मुद्दे जो चिंता का कारण हैं, उन पर भी इस डायलॉग में चर्चा की जाएगी.

- रक्षा और सैन्य चर्चा में क्याः उन्होंने बताया कि इसमें S400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की डिलिवरी पर चर्चा होगी. अमेरिका की प्रतिबंधों की चेतावनी के बावजूद दोनों देश अपने हित के आधार पर सैन्य और तकनीकी सहयोग के क्षेत्रों में भागीदार हैं. उन्होंने बताया कि दोनों देश अगले दशक के सैन्य और तकनीकी जुड़ाव की योजना बनाने वाले एक दस्तावेज पर काम कर रहे हैं.

 

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