मोदी सरकार आने वाले वक्त में नौकरियां देने पर मिशन मोड में फोकस करेगी. पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद निर्देश दिया है कि आने वाले डेढ़ साल में करीब 10 लाख भर्तियां की जाएं. इन लोगों को सरकार के विभिन्न विभागों और मंत्रालयों में काम मिलेगा.
प्रधानमंत्री के आधिकारिक हैंडल से ट्वीट करके इसकी जानकारी दी गई है. लिखा गया कि, 'पीएम नरेंद्र मोदी ने सभी विभागों और मंत्रालयों में मानव संसाधन की स्थिति का जायजा लिया. इसके बाद पीएम मोदी ने निर्देश दिया है कि सरकार आने वाले 1.5 साल में मिशन मोड में 10 लाख लोगों की भर्तियां करे.'
PM reviewed the status of Human Resources in all departments and ministries and instructed that recruitment of 10 lakh people be done by the Government in mission mode in next 1.5 years.
— PMO India (@PMOIndia)
बता दें कि रोजगार के मुद्दे पर मोदी सरकार को विपक्ष लगातार घेरता रहा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत अन्य नेता बार-बार रोजगार पर कही गई पीएम मोदी और बीजेपी की बातों को याद दिलाते हैं. खासकर, हर साल दो करोड़ नौकरियों के वादे पर विपक्ष के तमाम दल व नेता मोदी सरकार को घेरते रहे हैं.
चुनावों में भी ये मुद्दा बनता रहा है. बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी नेता तेजस्वी ने सरकारी नौकरियों के वादे पर एनडीए के खिलाफ चुनाव प्रचार किया था, और नौकरी देने के वादे के साथ अच्छे नतीजे पाए थे. अब पीएम मोदी ने नया वादा किया है तो इस पर भी सवाल उठने लगे हैं.
It's called "900 chuhe khaakar billi Hajj ko chali". We're experiencing worst employment (rate) in 50 yrs, rupee value lowest in 75 years... For how long will PM distract us by playing 'Twitter Twitter': Congress on PM announcing to recruit 10 lakh people in next 18 months
— ANI (@ANI)
पीएमओ द्वारा ट्वीट करने के बाद भी कांग्रेस ने इसपर सवाल उठाए. रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'इसे कहते हैं 900 चूहें खाकर बिल्ली हज को चली. बीते 50 साल के हिसाब से बेरोजगारी दर सबसे ज्यादा बढ़ गई है. रुपया 75 साल की अपनी सबसे कम कीमत पर है. पीएम ट्विटर ट्विटर खेलकर कबतक इन बातों से ध्यान हटाएंगे?'
सरकार के ऐलान पर सांसद वरुण गांधी ने भी ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा कि बेरोजगार युवाओं की पीड़ा एवं मर्म समझने के लिए धन्यवाद प्रधानमंत्री मोदी. नए रोजगार का सृजन करने के साथ साथ हमें 1 करोड़ से अधिक ‘स्वीकृत परंतु रिक्त’ पदों को भरने हेतु सार्थक प्रयास करना होगा. हर वर्ष 2 करोड़ रोजगार देने का संकल्प पूरा करने के लिए और तेज गति से कदम बढ़ाने होंगे. बता दें कि वरुण लगातार रोजगार के मुद्दे पर अपनी ही पार्टी को घेरते रहे हैं.