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Su-30 Vs Su-30MKI: क्या अंतर है दोनों लड़ाकू विमानों में? किसके पास है ज्यादा ताकत और रेंज?

Su-30 Vs Su-30MKI
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इंडियन एयरफोर्स के पास एक खतरनाक फाइटर जेट है, जिसका नाम है सुखोई-30एमकेआई (Su-30MKI). यह रूस के सुखोई-27 (Su-27) का एडवांस्ड वर्जन है. भारतीय वायुसेना के पास 272 सुखोई-30 एमकेआई फाइटर जेट्स हैं. रूस का सुखोई-30 एक बेहतरीन लड़ाकू विमान है. लेकिन उसे अलग-अलग देश अपने हिसाब से ढाल लेते हैं. या फिर उसमें बदलाव करवाते हैं, ताकि अपनी भौगोलिक स्थितियों के हिसाब से उनकी तैनाती कर सकें. (फोटोः पीटीआई)

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सुखोई-30एमकेआई (Su-30MKI) फाइटर जेट्स का भारत में निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) करती है. असल में इसे रूस के सुखोई कॉर्पोरेशन ने 1995 में बनाना शुरु किया था. जिसे 1997 में HAL ने लाइसेंस लेकर भारतीय वायुसेना के हिसाब से बदलना शुरु कर दिया. असल में  सुखोई-30एमकेआई (Su-30MKI) फाइटर जेट सुखोई सू-27 का अपग्रेडेड वर्जन हैं. (फोटोः पीटीआई)

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अब समझते हैं रूसी सुखोई-30 और भारतीय सुखोई-30एमकेआई का अंतर. लेकिन उससे पहले ये जानना जरूरी है कि एमकेआई (MKI) का मतलब क्या होता है. एमकेआई को रूसी भाषा में (Modernizirovannyi Kommercheskiy Indiski - Modernised Commercial Indian) कहते हैं. अब जानिए दोनों में क्या बड़ा अतर है. कौन सा फाइटर जेट ज्यादा ताकतवर है. (फोटोः पीटीआई)

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दोनों ही फाइटर जेट्स की लंबाई 72 फीट है. विंगस्पैन 48.3 फीट है. ऊंचाई 20.10 फीट है. लेकिन वजन में अंतर है. सुखोई-30 जहां 17,700 किलोग्राम वजनी है, वहीं सुखोई-30एमकेआई 18,400 किलोग्राम वजनी है. सुखोई-30 में सैटर्न-एल-31एफएल आफ्टरबर्निंगर टर्बोफैन इंजन है, जो उसे 122.58 किलोन्यूटन की ताकत देते हैं. वहीं, सुखोई-30एमकेआई में लीयुल्का एल-31एफपी आफ्टरबर्निंग टर्बोफैन इंजन लगे हैं, जो उसे 123 किलोन्यूटन की ताकत देता है. (फोटोः पीटीआई)

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दोनों विमानों की अधिकतम गति 2120 किलोमीटर प्रतिघंटा है. ज्यादा ऊंचाई पर दोनों की रेंज 3000 किलोमीटर है. अगर बीच रास्ते में ईंधन भर दिया जाए तो सुखोई-30एमकेआई 8000 किलोमीटर की रेंज तक जा सकता है. लेकिन यह सुविधा सुखोई-30 फाइटर जेट में नहीं है. दोनों अधिकतम 56,800 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकते हैं. (फोटोः पीटीआई)

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दोनों ही विमानों में 30mm की एक ग्रिजेव-शिपुनोव ऑटोकैनन लगी है. जो एक मिनट में 150 राउंड फायर करती है. दोनों ही विमानों में 12 हार्ड प्वाइंट्स हैं. यानी जिनमें हथियार लगा सकते हैं. सुखोई-30 में तीन तरह के रॉकेट्स लगा सकते हैं. चार तरह के मिसाइल लगा सकते हैं. 9 तरह के बम लगा सकते हैं. वहीं, सुखोई-30एमकेआई (Su-30MKI) में 4 तरह के रॉकेट्स लगा सकते हैं. चार तरह के मिसाइल लगा सकते हैं. 10 तरह के बम लगाए जा सकते हैं. या फिर इन सबका मिश्रण लगाया जा सकता है. (फोटोः पीटीआई)

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सुखोई-30एमकेआई (Su-30MKI) के हार्डप्वाइंट्स में हथियारों को दागने की सुविधा ज्यादा है. अगर मल्टीपल रैक्स लगाए जाएं तो इसमें 14 हथियार लगाए जा सकते हैं. यह कुल 8130 किलोग्राम वजन तक के हथियार उठा सकता है. जबकि, सुखोई-30 सिर्फ 8000 किलोग्राम वजन तक के हथियार उठा सकता है. (फोटोः पीटीआई)