प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज, 14 अप्रैल 2026 को दिल्ली से देहरादून तक बने ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर दिया है. अब दिल्ली से देहरादून का सफर सिर्फ 2.5 से 3 घंटे में पूरा हो जाएगा, पहले 6 घंटे से ज्यादा का समय लगता था.
जंगलों के बीच से गुजरता रास्ता
एक्सप्रेसवे राजाजी नेशनल पार्क और शिवालिक जंगलों से होकर जाता है. यहां 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाया गया है. जहां ऊपर तेज रफ्तार से गाड़ियां दौड़ेंगी और नीचे जंगली जानवर आराम से घूमेंगे.
वन्यजीवों के लिए सुरक्षित रास्ता
12 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में बड़े-बड़े अंडरपास और एलिवेटेड स्ट्रक्चर हैं. कैमरों में कैद की गई तस्वीरों में हिरण, हाथी, तेंदुआ, सांभर, चीतल, नीलगाय, गोल्डन जैकाल आदि जानवर घूमते दिखाई दिए.
देहरादून के पास डाट काली मंदिर के नजदीक 340-370 मीटर लंबी सुरंग बनाई गई है. यह पहाड़ी इलाके में बनी है, जिससे जंगल और जानवरों को शोर-ट्रैफिक से बचाया जा सके. सुरंग के अंदर रोशनी और हवा की अच्छी व्यवस्था है.
हाथियों और दूसरे जानवरों के अंडरपास
दो 200 मीटर लंबे हाथी अंडरपास और छह दूसरे जानवरों के लिए पास बनाए गए हैं. कुल 113 अंडरपास, कई ब्रिज और ओवरब्रिज हैं, ताकि जानवर बिना रुके जंगल के दोनों तरफ आ-जा सकें.
यात्रियों के लिए आरामदायक सफर
पूरा एक्सप्रेसवे एक्सेस कंट्रोल्ड है, यानी बिना जरूरी के कोई गाड़ी नहीं घुस सकती. डिजाइन स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा है. इससे ट्रैफिक जाम खत्म होने के साथ सफर बहुत सुगम हो गया है. अब दिल्ली से देहरादून का सफर सिर्फ 2.5 घंटे में पूरा हो जाएगा. जंगल के बीच से गुजरते हुए यह अनोखा नजारा यात्रियों को भी रोमांचित करेगा.
फूड कोर्ट और बस शेल्टर की भी सुविधा
रास्ते में 12 जगहों पर वेज-साइड सुविधाएं हैं. 62 बस शेल्टर, 76 किलोमीटर सर्विस रोड और 10 इंटरचेंज बनाए गए हैं. फूड कोर्ट, टॉयलेट और रेस्ट एरिया यात्रियों को आराम देंगे.
एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगा है. इसमें कैमरे, सिग्नल और इमरजेंसी मदद की सुविधा है. साउंड और लाइट बैरियर भी लगाए गए हैं ताकि जानवरों को परेशानी न हो.
जंगल के ऊपर एलिवेटेड रोड बनाने से पेड़ कम काटे गए. सोलर पावर और ग्रीन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया. यह विकास और प्रकृति का बेहतरीन मिसाल है.
यह प्रोजेक्ट करीब 12,000-13,000 करोड़ रुपये की लागत से बना है. जहां FASTag से टोल आसानी से कटेगा. सालाना पास वाले कम टोल देंगे. यह हरिद्वार, ऋषिकेश और मसूरी जाने वालों के लिए बहुत फायदेमंद होगा.
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अब दिल्ली से मसूरी 3.5 से 4 घंटे में पहुंचा जा सकता है. इसकी वजह से पर्यटक ज्यादा आएंगे, व्यापार बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा. जंगल का खूबसूरत नजारा देखते हुए सफर मजेदार होगा.
बता दें कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे की लंबाई लगभग 210 किलोमीटर है. जो दिल्ली से शुरू होकर यूपी होते हुए उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पहुंचेगा.