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'दोस्त हैं, ऑफिस में हम सिर्फ बातें ही करते हैं...' TCS वाला दानिश पत्नी को क्या-क्या बताता था, मां ने रो-रोकर सुनाई हर बात

नासिक के TCS बीपीओ केस में आरोपी दानिश शेख की मां तबस्सुम शेख ने बेटे को बेगुनाह बताया है. उन्होंने कहा कि दानिश ने न किसी को शादी का झांसा दिया और न ही धर्मांतरण या उत्पीड़न किया. परिवार के मुताबिक, ऑफिस की दोस्ती को गलत तरीके से पेश किया गया है. पुलिस जांच जारी है और मामला कोर्ट में है, जहां सच सामने आने की उम्मीद है.

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दानिश की मां ने अपनी पूरी बात रखी (Photo ITG)
दानिश की मां ने अपनी पूरी बात रखी (Photo ITG)

नासिक के चर्चित बीपीओ धर्मांतरण व यौन उत्पीड़न केस में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले के अलग-अलग पहलू सामने आ रहे हैं. एक तरफ जहां गंभीर आरोपों की लंबी सूची है, वहीं दूसरी ओर आरोपियों के परिवार अपने-अपने तरीके से सफाई दे रहे हैं. इसी कड़ी में अब सामने आई है दानिश शेख की मां तबस्सुम शेख की भावुक कहानी, जिसमें एक मां अपने बेटे को बेगुनाह बताते हुए टूटती नजर आती है.

आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) के नासिक स्थित बीपीओ सेंटर में दर्ज मामलों में दानिश शेख का नाम सामने आने के बाद से ही उनका परिवार चर्चा में है. दानिश पर धर्मांतरण के प्रयास, यौन उत्पीड़न और महिला सहकर्मियों के साथ आपत्तिजनक व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इन सबके बीच, उसकी मां तबस्सुम शेख का कहना कुछ और ही कहानी बयान करता है.

मेरा बच्चा ऐसा कर ही नहीं सकता…

तबस्सुम शेख से जब आरोपों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उनकी आंखें भर आईं. उन्होंने सीधे कहा कि मेरा बच्चा बेकसूर है… वो ऐसा बोल ही नहीं सकता किसी के धर्म के बारे में. हमारे मजहब में भी नहीं सिखाते कि किसी के धर्म पर उंगली उठाओ. वह बार-बार यही दोहराती रहीं कि दानिश का स्वभाव ऐसा नहीं है कि वह किसी के साथ जबरदस्ती करे या धर्म को लेकर गलत बातें कहे. तबस्सुम बताती हैं कि दानिश का रिकॉर्ड शुरू से साफ रहा है. स्कूल में, कॉलेज में… कहीं भी उसका नाम कभी खराब नहीं आया. वो ऐसा बच्चा नहीं है कि किसी को परेशान करे. परिवार के मुताबिक, दानिश हमेशा अपने काम से काम रखने वाला रहा और कभी किसी विवाद में नहीं पड़ा.

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पत्नी को भी बताया सिर्फ दोस्त है

मामले में एक बड़ा आरोप यह भी है कि दानिश ने एक महिला सहकर्मी को शादी का झांसा दिया. इस पर तबस्सुम शेख साफ कहती हैं कि वो कैसे शादी का झांसा देगा, जब वो खुद शादीशुदा है? दो बच्चे हैं उसके सबको मालूम है यह बात ऑफिस में. वह बताती हैं कि दानिश की पत्नी को भी उस लड़की के बारे में जानकारी थी. उसने खुद अपनी पत्नी से कहा था कि वो सिर्फ उसकी फ्रेंड है. ऑफिस में बात होती है बस. मां का दावा है कि अगर कोई गलत रिश्ता होता, तो उसका जिक्र घर में जरूर होता लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ.

इतनी खूबसूरत बीवी है उसकी 

मां ने अपने बेटे का बचाव करते हुए यहां तक कहा कि दानिश की शादीशुदा जिंदगी सामान्य और खुशहाल थी. उसकी बीवी खूबसूरत है. दोनों अच्छे से रहते हैं. अगर कोई परेशानी होती, तो हमें पता चलता. उनका कहना है कि ऐसे में शादी का झांसा देने जैसी बात उन्हें समझ से परे लगती है. सबसे गंभीर आरोपों में से एक है धर्मांतरण का प्रयास था इस पर तबस्सुम शेख ने साफ शब्दों में कहा कि हमारे मजहब में ऐसा नहीं होता कि किसी को जबरदस्ती अपने धर्म में लाओ. ये काम मौलाना का होता है, कोई आम आदमी नहीं कर सकता. उन्होंने यह भी कहा कि नमाज पढ़ना भी कोई आसान प्रक्रिया नहीं है. नमाज पढ़ने के लिए बहुत कुछ सीखना पड़ता है… ऐसा नहीं कि किसी को बोल दिया और उसने पढ़ ली. उनका तर्क है कि यह आरोप वास्तविकता से मेल नहीं खाते.

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दानिश ने खुद कहा अम्मी, सब गलत है

तबस्सुम बताती हैं कि केस दर्ज होने के बाद उनकी अपने बेटे से बात हुई. उसने कहा अम्मी, मुझ पर जो आरोप लगाए हैं, सब गलत हैं. मैं उससे सिर्फ बात करता था. न मैंने शादी का वादा किया, न कोई गलत हरकत की. धर्मांतरण के आरोपों पर भी दानिश ने इनकार किया. जांच में यह भी सामने आया है कि दानिश एक समूह बनाकर काम कर रहे थे. इस पर तबस्सुम ने कहा कि नहीं बाबा, वो सब भी बच्चे हैं… तौसीफ, शाहरुख, रजा सब अच्छे बच्चे हैं.  उनका कहना है कि ऑफिस में सामान्य बातचीत को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है.

घर में मैं अकेली पड़ गई हूं

तबस्सुम कहती हैं कि मैं अकेली हूं… मेरा बेटा ही कमाने वाला था. अब मेरे पास न पैसे हैं, न कोई सहारा. बहू की हालत का जिक्र करते हुए वह भावुक हो जाती हैं वो डिप्रेशन में चली गई है. उसके भाई उसे इलाज के लिए ले गए हैं. बच्चे रो रहे हैं… क्या बताऊं. 


 

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