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PM मोदी की अपील और इस परिवार ने शादी में लिया ये फैसला, अब देशभर में हो रही चर्चा

महाराष्ट्र के वर्धा जिले के चौबे परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील से प्रेरित होकर बेटे की शादी में नया सोना नहीं खरीदने का फैसला किया है. परिवार होने वाली बहू को नया मंगलसूत्र देने के बजाय सीमा चौबे के पुराने मंगलसूत्र को पॉलिश कराकर गिफ्ट देगा. सतीश चौबे ने इस फैसले की जानकारी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर दी है.

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शादी 1 जुलाई को होने वाली है. Photo ITG
शादी 1 जुलाई को होने वाली है. Photo ITG

ये कहानी महाराष्ट्र के वर्धा जिले के एक साधारण परिवार की है, जिसने एक असाधारण फैसला लेकर चर्चा बटोर ली है. पुलगांव में रहने वाले सतीश गौरीशंकर चौबे का परिवार इन दिनों अपने बेटे यश चौबे की शादी की तैयारियों में जुटा हुआ है. यश एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और उनकी शादी 1 जुलाई को होने वाली है. घर में शादी का माहौल है, रिश्तेदारों के आने-जाने का सिलसिला शुरू हो चुका है और हर परिवार की तरह यहां भी विवाह से जुड़ी खरीदारी पर चर्चा चल रही थी.

इसी दौरान परिवार में होने वाली बहू के लिए नया मंगलसूत्र खरीदने की बात उठी. आमतौर पर भारतीय परिवारों में शादी के मौके पर सोने के आभूषण खरीदना परंपरा का हिस्सा माना जाता है. चौबे परिवार भी इसी पर विचार कर रहा था, लेकिन तभी परिवार ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने सबको चौंका दिया.

मंगलसूत्र को पॉलिश कराकर गिफ्ट करेंगे
सतीश चौबे की पत्नी सीमा चौबे ने सुझाव दिया कि नया मंगलसूत्र खरीदने के बजाय उनके अपने मंगलसूत्र को ही पॉलिश और मरम्मत कराकर बहू को गिफ्ट में दिया जाए. परिवार ने इस सुझाव को स्वीकार कर लिया. इस फैसले के पीछे केवल आर्थिक कारण नहीं थे, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अपील भी थी.

दरअसल, 10 मई को हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए एक वर्ष तक सोने की खरीद और विदेश यात्राएं टालने की अपील की थी. उन्होंने कहा था कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और वैश्विक परिस्थितियों के प्रभाव को कम करने के लिए नागरिकों को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए.

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प्रधानमंत्री की इसी अपील से प्रभावित होकर चौबे परिवार ने नया सोना नहीं खरीदने का निर्णय लिया. सतीश चौबे ने अपने इस फैसले की जानकारी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर भी दी. उन्होंने पत्र में लिखा कि यह केवल पैसे बचाने का प्रयास नहीं है, बल्कि देशहित में एक जिम्मेदार कदम है. उनका मानना है कि यदि आम लोग भी छोटे-छोटे व्यक्तिगत निर्णयों के माध्यम से राष्ट्रीय हित में योगदान दें, तो उसका बड़ा असर हो सकता है.

प्रधानमंत्री को आशीर्वाद देने के लिए आमंत्रित किया
चौबे परिवार ने प्रधानमंत्री को शादी में आशीर्वाद देने के लिए आमंत्रित भी किया है और उम्मीद जताई है कि उन्हें प्रधानमंत्री की ओर से शुभकामना संदेश मिलेगा. परिवार का कहना है कि शादी पूरी पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साह के साथ होगी, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचकर वे समाज के सामने एक सकारात्मक उदाहरण पेश करना चाहते हैं. उनका यह फैसला अब चर्चा का विषय बन गया है और कई लोग इसे जिम्मेदार नागरिकता की मिसाल के रूप में देख रहे हैं.

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