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'अब एकजुट नहीं हुए तो इतिहास माफ नहीं करेगा...', ठाकरे बंधुओं ने दिया बड़ा सियासी संदेश

महाराष्ट्र की राजनीति में दो दशक बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने एक साथ संयुक्त इंटरव्यू देकर महत्वपूर्ण संदेश दिया. उद्धव ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर राज्य के हितों से दूर रहने का आरोप लगाया, जबकि राज ठाकरे ने मुंबई और मराठी समाज की मौजूदा स्थिति को गंभीर संकट बताया.

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उद्धव और राज ठाकरे ने कहा कि शिवसेना को तोड़कर महाराष्ट्र को कमजोर किया गया (Yotutbe/ @saamanaonline)
उद्धव और राज ठाकरे ने कहा कि शिवसेना को तोड़कर महाराष्ट्र को कमजोर किया गया (Yotutbe/ @saamanaonline)

महाराष्ट्र की राजनीति में लगभग दो दशकों के बाद एक ऐसा समय आया जब उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ मंच पर इंटरव्यू देते दिखाई दिए. यह दुर्लभ नजारा सामना अखबार में संजय राउत और महेश मांजरेकर द्वारा लिए गए संयुक्त इंटरव्यू के माध्यम से सामने आया. इस इंटरव्यू ने महाराष्ट्र की राजनीतिक परिस्थितियों और मराठी समुदाय की वर्तमान चुनौतियों को नए दृष्टिकोण से सामने लाया.

उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर कड़े आरोप लगाते हुए कहा कि भले ही वे मराठी हों, लेकिन उनकी असली “मालिक दिल्ली में बैठे हैं.” उनका कहना था कि मौजूदा सरकार महाराष्ट्र के हितों से अलग-थलग है और राज्य को कमजोर करने वाली शक्तियों के अधीन है. उन्होंने शिवसेना के विभाजन पर भी चिंता जताई और इसे महाराष्ट्र की राजनीति के लिए खतरनाक कदम बताया.

राज ठाकरे ने महाराष्ट्र, विशेषकर मुंबई की वर्तमान स्थिति को गंभीर संकट बताया. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मराठी समाज अब भी एकजुट नहीं हुआ तो यह इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करेगा. उन्होंने इसे किसी एक पार्टी या नेता का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के अस्तित्व का सवाल बताया. 

उन्होंने संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन का हवाला देते हुए बताया कि उस समय की तरह आज भी मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की साजिशें जारी हैं, जो केंद्र और राज्य सरकार की ताकतों द्वारा संचालित हैं.

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दोनों नेताओं ने जोर देकर कहा कि उनकी यह एकजुटता भावनात्मक तो है ही, मगर उससे बड़ा संदेश यह है कि महाराष्ट्र को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा. भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी चर्चा हुई, जहां राज ठाकरे ने वर्तमान सत्ता को इन मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी, जबकि उद्धव ठाकरे ने कहा कि सच्चा शासक वही होता है जो सत्ता की भूख से ऊपर उठकर राज्य से प्रेम करता हो.

यह इंटरव्यू महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत की ओर इशारा करता है, जहां मराठी समाज की एकता और राज्य के हितों की प्राथमिकता सर्वोपरि हो.

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