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दोस्ती का हाथ या राजनीतिक जाल? उद्धव गुट के विधायक ने एकनाथ शिंदे से की भावुक अपील

उद्धव ठाकरे की शिवसेना के विधायक ने एकनाथ शिंदे की ओर अप्रत्याशित रूप से दोस्ती का हाथ बढ़ाया है. उन्होंने शिंदे से बीएमसी में ठाकरे गुट को समर्थन देने की अपील की है. हालांकि एकनाथ शिंदे ने इस प्रस्ताव को खारिज किया है.

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कल्याण-डोंबिवली में एकनाथ शिंदे को मिला राज ठाकरे का साथ. (Photo: X/@EknathShinde)
कल्याण-डोंबिवली में एकनाथ शिंदे को मिला राज ठाकरे का साथ. (Photo: X/@EknathShinde)

कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) में बीजेपी को हालिया राजनीतिक झटका लगने के बाद अब सियासी निगाहें मुंबई पर टिक गई हैं. KDMC में राज ठाकरे की एमएनएस ने स्थिर स्थानीय सरकार के लिए शिंदे गुट की शिवसेना को समर्थन दिया, जिससे सत्ता संतुलन बदला. इसी पॉलिटिकल एलाइनमेंट से संकेत लेते हुए अब ठाकरे गुट ने बीएमसी में नया दांव खेला है.

उद्धव ठाकरे की शिवसेना के विधायक भास्कर जाधव ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ओर अप्रत्याशित रूप से शांति का हाथ बढ़ाते हुए उनसे बीएमसी में इसी तरह का कदम उठाने की अपील की है. जाधव ने मांग की है कि शिंदे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को एक ओर रखकर मुंबई के अगले मेयर की नियुक्ति के लिए उद्धव ठाकरे का समर्थन करें.

भास्कर जाधव की इमोशनल अपील

यह अपील भावनात्मक आधार पर की गई है, खासकर ऐसे समय में जब शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की जन्मशती वर्ष मनाई जा रही है. जाधव का तर्क है कि यदि शिंदे गुट वास्तव में बालासाहेब का सम्मान करता है, तो उसे मौजूदा बीजेपी गठबंधन से ऊपर उठकर ठाकरे परिवार के नेतृत्व को प्राथमिकता देने का साहस दिखाना चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि एकनाथ शिंदे लगातार राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर बीजेपी का समर्थन करते आए हैं, ऐसे में अब समय आ गया है कि वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर मुंबई के लिए एक सच्चे शिवसेना मेयर को सुनिश्चित करें.

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दरअसल, जाधव शिंदे को KDMC मॉडल को उलटे तरीके से अपनाने की चुनौती दे रहे हैं यानी बीजेपी की छाया से बाहर निकलकर भगवा ध्वज के नाम पर ठाकरे गुट के साथ फिर से खड़े होने की अपील. हालांकि, महायुति खेमे पर इस भावनात्मक अपील का कोई असर नहीं दिखा. 

शिंदे ने खारिज किया प्रस्ताव?

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसे खारिज करते हुए एनडीए और बीजेपी के साथ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. वहीं, बीजेपी मुंबई अध्यक्ष अमित साटम ने यूबीटी सेना की मांग को पाखंडपूर्ण बताते हुए पलटवार किया और कहा कि बालासाहेब की विचारधारा से दूर जाने वाले खुद उद्धव ठाकरे थे.

बीएमसी में फिलहाल 29 सीटों के साथ शिंदे गुट किंगमेकर की भूमिका में है. ऐसे में इस राजनीतिक रस्साकशी का नतीजा ही तय करेगा कि देश के सबसे अमीर नगर निकाय की सत्ता किसके हाथ में जाएगी.

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