महाराष्ट्र के ठाणे में रिश्वत का मामला सामने आया है. एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने उल्हासनगर पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक को पकड़ा है. आरोप है कि संजय ने 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी. अधिकारियों ने बताया कि बिडगर ने शिकायतकर्ता और उसके परिवार को एक केस में मदद करने के बदले में पैसे की मांग की थी.
एजेंसी के अनुसार, शिकायतकर्ता, उसके बेटे और पत्नी के खिलाफ उल्हासनगर पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज था. आरोपी पुलिस अधिकारी 48 वर्षीय संजय धोंडिराम बिडगर ने उन्हें बुलाया और गिरफ्तार न करने को लेकर कहा कि 20,000 रुपये दो तो अरेस्ट नहीं किया जाएगा.
शिकायतकर्ता ने इस बात पर पैसे देने से इनकार कर दिया. इसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो यानी ACB से संपर्क किया और मामले के बारे में पूरी जानकारी दी. ACB ने अपने स्तर से शिकायत की जांच कराई.
यह भी पढ़ें: नोटों का ढेर ही ढेर... CBI का बड़ा एक्शन, रिश्वतखोरी के आरोप में लेफ्टिनेंट कर्नल अरेस्ट, पत्नी पर भी आरोप
इसके बाद एक ट्रैप बिछाया और बिडगर को रंगे हाथ पकड़ लिया. गिरफ्तार API के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
इस मामले को लेकर एंटी-करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और बिडगर से पूछताछ की जा रही है. अधिकारी का कहना है कि पुलिस विभाग में किसी भी प्रकार की रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून के सामने सभी जिम्मेदार होंगे.