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चलती ट्रेन बनी डिलीवरी रूम, RPF जवानों की तत्परता से महिला ने दिया बच्चे को जन्म

पुणे-सुपौल एक्सप्रेस में सफर कर रही गर्भवती महिला रुकसाना खातून को यात्रा के दौरान अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. सूचना मिलते ही अहिल्यानगर पोस्ट के RPF जवान सोमनाथ पाठाडे और विश्वजीत काकडे मौके पर पहुंचे और “ऑपरेशन मातृशक्ति” के तहत महिला की मदद की. उनकी तत्परता से महिला ने चलती ट्रेन में ही सुरक्षित रूप से एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया.

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महिला ने ट्रेन में बच्चे को दिया जन्म. (Photo: Screengrabs)
महिला ने ट्रेन में बच्चे को दिया जन्म. (Photo: Screengrabs)

भारतीय रेलवे के “ऑपरेशन मातृशक्ति” के तहत एक बेहद मानवीय और भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है. पुणे से सुपौल जा रही ट्रेन संख्या 11401 पुणे-सुपौल एक्सप्रेस में सफर कर रही एक गर्भवती महिला ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) जवानों की तत्परता और मदद से चलती ट्रेन में ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. इस घटना ने रेलवे के संवेदनशील और सेवा भाव वाले चेहरे को उजागर कर दिया है.

जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश की रहने वाली 28 वर्षीय रुकसाना खातून अपने पति जमील बेलावर के साथ पुणे से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन की यात्रा कर रही थीं. दोनों गार्ड साइड जनरल कोच में सफर कर रहे थे. यात्रा के दौरान अचानक रुकसाना को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. महिला की हालत बिगड़ती देख कोच में मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई. इसके बाद तत्काल रेलवे सुरक्षा बल को सूचना दी गई.

जवानों ने तत्परता दिखाते हुए कराई सुरक्षित डिलीवरी
सूचना मिलते ही अहिल्यानगर पोस्ट पर तैनात RPF कांस्टेबल सोमनाथ पाठाडे और हेड कांस्टेबल विश्वजीत काकडे तुरंत मौके पर पहुंचे. स्थिति बेहद संवेदनशील थी, क्योंकि ट्रेन चल रही थी और मेडिकल सुविधाएं सीमित थीं. इसके बावजूद दोनों जवानों ने धैर्य, समझदारी और फुर्ती का परिचय देते हुए महिला की सहायता शुरू की.

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रेलवे अधिकारियों के मुताबिक जवानों ने यात्रियों की मदद से कोच में सुरक्षित माहौल तैयार किया और महिला को प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई. कुछ ही देर बाद महिला ने ट्रेन के अंदर ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. बच्चे के जन्म के बाद पूरे कोच में खुशी का माहौल बन गया और यात्रियों ने राहत की सांस ली.

मां और बच्चा दोनों हैं सुरक्षित
प्रसव के बाद मां और नवजात को सुरक्षित तरीके से ट्रेन से उतारा गया. स्टेशन प्रशासन की ओर से तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा की व्यवस्था की गई, जिसके जरिए दोनों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया. डॉक्टरों ने जांच के बाद पुष्टि की कि मां और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं.

इस घटना के बाद रुकसाना खातून और उनके पति ने RPF जवानों और रेलवे प्रशासन का धन्यवाद किया. परिवार ने कहा कि अगर समय पर मदद नहीं मिलती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी. वहीं रेलवे अधिकारियों ने बताया कि “ऑपरेशन मातृशक्ति” का उद्देश्य जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को समय पर सहायता उपलब्ध कराना है और RPF जवान लगातार ऐसी परिस्थितियों में यात्रियों की मदद के लिए प्रशिक्षित किए जा रहे हैं.

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